सोलर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Avaada Electro ने SEBI के पास अपना अपडेटेड DRHP फाइल कर दिया है। कंपनी इस पब्लिक ऑफर के जरिए **₹7,600 करोड़** जुटाने की योजना बना रही है, जिसमें **₹1,600 करोड़** का फ्रेश इश्यू और **₹6,000 करोड़** का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है।
IPO से जुटाए फंड का होगा क्या?
कंपनी के मुताबिक, IPO से मिलने वाले फंड का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में खर्च किया जाएगा। जून 2026 तक कंपनी पर कुल ₹3,926.4 करोड़ का कर्ज था। कंपनी फ्रेश इश्यू से प्राप्त ₹1,200 करोड़ का इस्तेमाल अपने कर्ज के बोझ को कम करने के लिए करेगी। इसके अलावा, कंपनी ₹320 करोड़ के प्री-IPO प्लेसमेंट पर भी विचार कर रही है।
शानदार फाइनेंशियल ग्रोथ
कंपनी के आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्रोथ काफी दमदार रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹888.7 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹173.3 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू भी उछलकर ₹5,303.5 करोड़ पर पहुंच गया, जो इससे पिछले साल ₹911.6 करोड़ था।
ऑपरेशंस और भविष्य की योजनाएं
Avaada Electro अभी 8.50 GW की सोलर मॉड्यूल और 3.00 GW की N-टाइप TOPCon सोलर सेल कैपेसिटी ऑपरेट कर रही है। ग्रेटर नोएडा में चल रहे विस्तार के जरिए कंपनी का लक्ष्य 2028 तक मॉड्यूल कैपेसिटी को 13.60 GW और सेल कैपेसिटी को 12.00 GW तक ले जाने का है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
सोलर सेक्टर में सरकारी नीतियों, इंपोर्ट ड्यूटी और सब्सिडी का काफी असर पड़ता है। इसके अलावा, बड़े पैमाने पर किए जा रहे कैपेसिटी एक्सपेंशन में एग्जीक्यूशन रिस्क भी होता है। बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा और तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के कारण कंपनी को लगातार भारी निवेश की जरूरत बनी रहेगी, जिसे निवेशकों को ध्यान में रखना चाहिए।
