IPO का मकसद: कैपिटल और ग्रोथ को बढ़ावा
कंपनी अपने लोन पोर्टफोलियो को बढ़ाने और कैपिटल स्ट्रेंथनिंग के लिए यह IPO ला रही है। खासकर नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है, लेकिन वे मजबूत फंडामेंटल्स की मांग कर रहे हैं। Arohan इस IPO से अपनी पूंजी की जरूरतें पूरी करना चाहती है और मौजूदा निवेशकों को बाहर निकलने का मौका भी देना चाहती है।
IPO स्ट्रक्चर: फ्रेश फंड और निवेशकों की एग्जिट
Arohan Financial ने ₹1,400 करोड़ के IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए हैं। इसमें ₹600 करोड़ का फ्रेश इश्यू है, जिसका इस्तेमाल कंपनी अपनी पूंजी और ऑपरेशंस को मजबूत करने के लिए करेगी। वहीं, ₹800 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा, जिसके तहत Teachers Insurance and Annuity Association और Michael & Susan Dell Foundation जैसे मौजूदा निवेशक अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच पाएंगे।
घटता मुनाफा और पिछली चिंताएं
माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में काम करने वाली Arohan के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर (31 मार्च, 2025 को समाप्त) चुनौतियों भरा रहा। ऑपरेटिंग खर्चों में बढ़ोतरी के कारण कंपनी के मुनाफे (Profit) में भारी गिरावट आई है। नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) में लगभग 13% की बढ़ोतरी के बावजूद, प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margins) 19.2% (FY24) से घटकर सिर्फ 6.5% (FY25) रह गया। रिटर्न ऑन एसेट्स (RoTA) में भी गिरावट देखी गई। ये नतीजे ऐसे समय आए हैं जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पहले कंपनी की ऊंची ब्याज दरों (Lending Rates) पर चिंताओं के चलते लगाए गए प्रतिबंधों को हटा लिया था।
भविष्य की योजनाएं और जोखिम
कंपनी का लक्ष्य FY27 तक अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) को बढ़ाकर ₹9,000 करोड़ करना है, जिसमें गोल्ड और व्हीकल फाइनेंसिंग जैसे सिक्योरड लोन में डायवर्सिफिकेशन की भी योजना है। हालांकि, FY25 में मुनाफे में 65% की गिरावट और GNPA रेशियो का बढ़कर 2.86% (पहले नौ महीनों में FY25) हो जाना (जो पिछले साल 1.67% था) निवेशकों के लिए चिंता का सबब है। IPO का बड़ा हिस्सा OFS है, जो यह संकेत देता है कि निवेशकों के लिए लिक्विडिटी भी एक अहम लक्ष्य है।
निवेशकों की नजर
Arohan जल्द ही ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल करेगी और बाजार की अनुकूल स्थिति देखकर IPO ला सकती है, संभवतः अगले फाइनेंशियल ईयर में। कंपनी 2030 तक AUM को ₹20,000 करोड़ तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखती है। निवेशकों की बारीक नजरvaluation, एसेट क्वालिटी सुधारने की योजना, और रेगुलेटरी व कॉम्पिटिटिव चुनौतियों से निपटने की क्षमता पर होगी।