Asset Reconstruction Company (India) Ltd (Arcil) का ₹733 करोड़ का IPO आज 9 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है और यह 11 सितंबर तक खुला रहेगा। एंकर निवेशकों से कंपनी ने पहले ही ₹219.89 करोड़ जुटा लिए हैं।
IPO की पूरी जानकारी
Asset Reconstruction Company (India) Ltd, जिसे Arcil के नाम से जाना जाता है, आज 9 सितंबर 2026 से अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लेकर आई है। निवेशक इस इश्यू में 11 सितंबर तक बोली लगा सकते हैं। कंपनी ने बाजार में कदम रखने से पहले 21 एंकर निवेशकों से ₹219.89 करोड़ जुटाए हैं, जिसके लिए प्राइस बैंड ₹139 प्रति शेयर तय किया गया है।
क्या है निवेश का गणित?
यह IPO पूरी तरह से Offer-for-Sale (OFS) है। इसका मतलब है कि कंपनी को इस इश्यू से कोई नया फंड नहीं मिलेगा। इसमें State Bank of India, Avenue India Resurgence और GIC से जुड़ी संस्थाएं अपनी हिस्सेदारी बेच रही हैं। यानी सारा पैसा प्रमोटरों की जेब में जाएगा, न कि बिजनेस के विस्तार में।
फाइनेंशियल सेहत और जोखिम
वित्त वर्ष मार्च 2026 के लिए Arcil का रेवेन्यू ₹753 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹596.4 करोड़ था। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी ₹355.3 करोड़ से बढ़कर ₹407.8 करोड़ पर पहुंच गया है।
हालांकि, एक एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी का बिजनेस मॉडल सामान्य कंपनियों से अलग होता है। Arcil का काम बैंकों से बैड लोन या स्ट्रेस्ड एसेट्स को खरीदना है। इनकी कमाई कानूनी लड़ाइयों और रिकवरी की रफ्तार पर टिकी होती है, जो काफी अनिश्चित है। साथ ही, इस सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण अच्छी क्वालिटी के एसेट्स को सही दाम पर खरीदना चुनौतीपूर्ण हो गया है, जो भविष्य में मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।
