Asset Reconstruction Company (India) Limited (Arcil) का **₹733 करोड़** का IPO **11 सितंबर, 2026** को **1.13 गुना** सब्सक्राइब होने के बाद बंद हो गया है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह पूरा इश्यू ऑफर-फॉर-सेल (OFS) है, यानी पैसा कंपनी के पास नहीं बल्कि पुराने शेयरधारकों की जेब में जाएगा।
सब्सक्राइबर्स की संख्या और डिटेल
तीन दिनों की बिडिंग प्रक्रिया के बाद Arcil के IPO ने 1.13 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल किया। आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने 3.69 करोड़ शेयरों की पेशकश की थी, जिसके मुकाबले निवेशकों ने 4.17 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाई हैं।
ओनरशिप और पैसे का गणित
यह समझना जरूरी है कि यह ₹733 करोड़ का पूरा का पूरा हिस्सा 'ऑफर-फॉर-सेल' है। इसका सीधा मतलब यह है कि बिक्री से मिलने वाला पैसा State Bank of India और GIC जैसे पुराने निवेशकों को मिलेगा। कंपनी के विस्तार या कर्ज घटाने के लिए बैलेंस शीट में कोई फ्रेश फंड नहीं आएगा।
एंकर निवेशकों का भरोसा
आईपीओ खुलने से पहले, कंपनी ने एंकर निवेशकों के जरिए ₹219.89 करोड़ जुटाए थे। इसमें Goldman Sachs, BofA Securities और Tata Mutual Fund जैसे बड़े नाम शामिल थे। हालांकि, इसे लिस्टिंग की सफलता की गारंटी नहीं माना जा सकता।
कमाई और बिजनेस मॉडल
मार्च 2026 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी की कुल इनकम ₹749.92 करोड़ रही और नेट प्रॉफिट ₹322.69 करोड़ दर्ज किया गया। Arcil का बिजनेस भारतीय बैंकिंग सिस्टम के 'स्ट्रेस्ड एसेट्स' पर आधारित है, इसलिए इसकी कमाई NPA साइकिल और RBI के नियमों में बदलाव के प्रति काफी संवेदनशील रहती है।
निवेशकों के लिए जोखिम
इस सेक्टर में कानूनी और फाइनेंशियल समाधान में लगने वाला समय एक बड़ी चुनौती है। साथ ही, ग्रे मार्केट में चल रहा 10% का प्रीमियम लिस्टिंग के दिन का सटीक अनुमान नहीं है। अब कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 17 सितंबर, 2026 को NSE और BSE पर होने की संभावना है।
