Aragen Life Sciences ने SEBI के पास IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर फाइल कर दिए हैं। कंपनी इस इश्यू के जरिए ₹800 करोड़ के नए शेयर जारी करेगी और साथ ही ऑफर फॉर सेल (OFS) भी लेकर आएगी।
Aragen Life Sciences ने अपनी लिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी ने 26 अगस्त, 2026 को SEBI के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा कराया है। इस IPO में ₹800 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि Goldman Sachs Capital Holdings जैसे मौजूदा शेयरधारक 2.73 करोड़ से ज्यादा शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) लाएंगे।
कर्ज कम करने पर जोर
निवेशकों के लिए सबसे अहम बात यह है कि कंपनी इस पैसे का उपयोग मुख्य रूप से कर्ज चुकाने या प्री-पेमेंट के लिए करना चाहती है, जिससे बैलेंस शीट मजबूत होगी और ब्याज खर्च में कमी आएगी। इसके अलावा, जुटाई गई रकम का एक हिस्सा हैदराबाद और बेंगलुरु में मौजूद मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज को अपग्रेड करने और नई मशीनरी खरीदने पर खर्च किया जाएगा।
कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ
कंपनी का कारोबार काफी फैला हुआ है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में Aragen ने ₹2,178 करोड़ का रेवेन्यू और ₹258 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। साल 2000 में स्थापित यह कंपनी दुनिया भर की 591 फार्मा और बायोटेक कंपनियों को रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग सेवाएं देती है। कंपनी के पास दुनिया भर में 4,300 से ज्यादा कर्मचारियों की टीम है।
निवेश से जुड़े रिस्क
निवेशकों को सेक्टर से जुड़े जोखिमों को भी समझना चाहिए। Aragen का प्रदर्शन पूरी तरह से ग्लोबल फार्मा कंपनियों के R&D बजट पर निर्भर करता है। अगर वैश्विक स्तर पर R&D खर्च कम होता है या आउटसोर्सिंग स्ट्रेटेजी में बदलाव आता है, तो इसका असर सीधे रेवेन्यू पर पड़ सकता है। साथ ही, बड़े पैमाने पर हो रहे कैपिटल एक्सपेंडिचर और नए फैसिलिटीज को चालू करने में देरी मुनाफे पर दबाव डाल सकती है।
इस इश्यू को मैनेज करने के लिए Axis Capital, Citigroup Global Markets India, Goldman Sachs और JM Financial को लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है। अब बाजार की नजर SEBI की टिप्पणियों और कंपनी की वैल्यूएशन पर टिकी है।
