ArMee Infotech की शेयर बाजार में शुरुआत बेहद खराब रही है। कंपनी का शेयर अपने **₹375** के इश्यू प्राइस से **15%** से ज्यादा नीचे कारोबार कर रहा है। आईपीओ को भी केवल **2.44 गुना** सब्सक्रिप्शन मिला था, जो निवेशकों की सावधानी को दर्शाता है।
ArMee Infotech के लिए बुधवार का दिन शेयर बाजार में काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कंपनी के शेयर डिस्काउंट के साथ खुले और पूरे दिन बिकवाली का दबाव बना रहा। शेयर बीएसई (BSE) पर ₹368.85 पर लिस्ट हुआ, जो इसके ₹375 के इश्यू प्राइस से कम था। देखते ही देखते बिकवाली और तेज हो गई, जिससे शेयर बीएसई पर ₹320 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹317.40 के निचले स्तर तक गिर गया। यह 15% से अधिक की गिरावट बताती है कि बाजार को कंपनी की वैल्यूएशन पर भरोसा नहीं था।\n\nकंपनी की यह फीकी एंट्री इसके आईपीओ के दौरान मिले रिस्पॉन्स का ही आईना है। ₹300 करोड़ के इस आईपीओ को कुल 2.44 गुना ही सब्सक्राइब किया गया था। क्यूआईबी (QIB) का हिस्सा 2.99 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 2.47 गुना भरा था। इस तरह की मांग हाई-ग्रोथ टेक ऑफरिंग्स के मुकाबले काफी कम रही, जिसने निवेशकों की झिझक साफ जाहिर कर दी।\n\nसाल 2003 से आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में काम कर रही ArMee Infotech का फोकस मुख्य रूप से गुजरात में सरकारी और पब्लिक सेक्टर यूनिट्स के कॉन्ट्रैक्ट्स पर है। इस बिजनेस मॉडल में क्लाइंट कंसंट्रेशन का रिस्क है। सरकारी प्रोजेक्ट्स में देरी या पेमेंट साइकिल में अड़चन सीधे कंपनी के कैश फ्लो और वर्किंग कैपिटल पर असर डालती है।\n\nकंपनी ने आईपीओ से जुटाए पैसों का इस्तेमाल बिजनेस विस्तार, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और कर्ज चुकाने के लिए करने की बात कही है। कर्ज कम करना बैलेंस शीट के लिए सकारात्मक है, लेकिन बाजार ने कंपनी की ग्रोथ योजनाओं के बजाय उसके मौजूदा जोखिमों पर ज्यादा ध्यान दिया है। अब निवेशकों की नजर आने वाले क्वार्टरली नतीजों पर होगी, जहां यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपने कर्ज को घटाने और प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखने में कितनी कामयाब होती है।
