Annu Projects के निवेशकों के लिए लिस्टिंग डे काफी निराशाजनक रहा। कंपनी का शेयर अपने **₹99** के इश्यू प्राइस के मुकाबले **27%** की भारी गिरावट के साथ ओपन हुआ।
बाजार में सुस्त शुरुआत
Annu Projects Limited के लिए 2 सितंबर, 2026 का दिन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कंपनी का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹72 पर लिस्ट हुआ, जो इसके इश्यू प्राइस ₹99 से 27.27% कम है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर स्थिति कुछ बेहतर रही, लेकिन वहां भी शेयर ₹75 पर लिस्ट हुआ, जो 24.24% की गिरावट को दर्शाता है।
क्यों कमजोर रही लिस्टिंग?
कंपनी ने अपने फ्रेश इश्यू के जरिए ₹175.06 करोड़ जुटाए थे, लेकिन बाजार का उत्साह ठंडा रहा। आईपीओ को एंकर निवेशकों का साथ नहीं मिला और बड़े संस्थागत खरीदारों की भागीदारी कम रही। 25 अगस्त से 28 अगस्त के दौरान यह आईपीओ केवल 2.93 गुना सब्सक्राइब हुआ था, जो निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।
बिजनेस मॉडल और रिस्क फैक्टर्स
निवेशकों को इस कंपनी के फंडामेंटल्स पर गौर करने की जरूरत है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी की 94% कमाई केवल टेलीकॉम और सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर से आई थी। इसके अलावा, कंपनी 57% से ज्यादा रेवेन्यू के लिए सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर निर्भर है। सरकार की तरफ से प्रोजेक्ट मंजूरी या पेमेंट में देरी सीधे तौर पर कंपनी के कैश फ्लो और मुनाफे को प्रभावित कर सकती है।
कर्ज का बढ़ता बोझ
शेयरहोल्डर्स के लिए चिंता की एक और बात कंपनी का बढ़ता हुआ कर्ज है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी की उधारी बढ़कर ₹52.54 करोड़ हो गई, जो 2025 में ₹22.27 करोड़ थी। कंपनी आईपीओ से मिले फंड में से ₹115 करोड़ वर्किंग कैपिटल के लिए और ₹15 करोड़ नई मशीनरी खरीदने के लिए इस्तेमाल करने वाली है, ताकि टेलीकॉम, गैस पाइपलाइन और रेलवे सिग्नलिंग प्रोजेक्ट्स को मजबूती मिल सके। अब सब कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि मैनेजमेंट कितनी कुशलता से फंड्स का इस्तेमाल कर अपना कर्ज कम करता है और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करता है।
