कोलकाता की जानी-मानी बिस्किट निर्माता कंपनी Anmol Industries ने ₹1,800 करोड़ के IPO के लिए शुरुआती कागजात जमा किए हैं। यह पूरी तरह से 'ऑफर-फॉर-सेल' (OFS) है, जिसमें प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
दूसरी बार बाजार में कदम
बिस्किट और स्नैक्स बनाने वाली दिग्गज कंपनी Anmol Industries ने एक बार फिर शेयर बाजार में लिस्टिंग की योजना बनाई है। यह उनका दूसरा प्रयास है, इससे पहले 2018 में कंपनी ने अपना IPO प्लान वापस ले लिया था। साल 1994 में स्थापित यह कंपनी अब देश के अलावा 31 देशों में अपने उत्पाद निर्यात करती है।
क्या है IPO का स्ट्रक्चर?
यह पूरा IPO 'ऑफर-फॉर-सेल' (OFS) के रूप में होगा, जिसे मुख्य प्रमोटर 'Baijnath Choudhary & Family Trust' लेकर आ रहा है। प्रमोटर्स की फिलहाल कंपनी में 84% हिस्सेदारी है। इस प्रक्रिया में जुटाया गया पैसा कंपनी के खजाने में नहीं, बल्कि सीधे प्रमोटर्स के पास जाएगा। इसका मतलब है कि निवेशकों का पैसा कंपनी के विस्तार में नहीं, बल्कि पुरानी हिस्सेदारी खरीदने में इस्तेमाल होगा।
फाइनेंशियल परफॉरमेंस
कंपनी के हालिया आंकड़े काफी मजबूत दिख रहे हैं। बीते फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹191 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 5 गुना ज्यादा है। वहीं, रेवेन्यू में 28% का उछाल देखा गया और यह ₹2,100 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया।
कड़ा मुकाबला
FMCG सेक्टर में Anmol Industries की सीधी टक्कर Britannia Industries, ITC और Mrs. Bectors Food Specialities जैसी स्थापित कंपनियों से है। इन बड़ी कंपनियों का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बहुत मजबूत है। ऐसे में निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी अपने प्रॉफिट मार्जिन को कितनी मजबूती से बनाए रखती है और कच्चे माल (raw material) की बढ़ती कीमतों से कैसे निपटती है।
इस IPO को मैनेज करने की जिम्मेदारी Intensive Fiscal Services, ICICI Securities और IIFL Capital Services जैसे प्रमुख बैंकर्स को दी गई है।
