एंकर निवेशकों का मिला बड़ा सहारा
Citius TransNet Investment Trust के IPO से पहले, एंकर निवेशकों ने भरोसा दिखाते हुए ₹497.25 करोड़ का निवेश किया है। इस प्री-IPO फंडरेज़िंग में HDFC Pension, SBI Pension और WhiteOak व DSP जैसे प्रमुख म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) की भागीदारी रही। निवेशकों ने IPO के ऊपरी प्राइस बैंड ₹100 प्रति यूनिट पर इनवेस्टमेंट किया है।
IPO फंड से होंगी रोड एसेट्स की खरीद
यह ₹1,105 करोड़ का IPO, जो 17 अप्रैल से 21 अप्रैल तक खुला रहेगा, कंपनी को SRPL Roads Private Ltd और Thrissur Expressway Ltd, Jorabat Shillong Expressway Ltd, Dhola Infra Projects Private Ltd, व Dibang Infra Projects Private Ltd जैसी प्रोजेक्ट्स (SPVs) से सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर संपत्तियों को खरीदने में मदद करेगा। ट्रस्ट के मौजूदा पोर्टफोलियो में 10 रोड एसेट्स हैं, जिनकी कुल लंबाई 3,400 लेन किलोमीटर से ज्यादा है। IPO से मिले पैसे का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट कामों में भी होगा। InvIT का लक्ष्य अपने ₹99-₹100 के प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर ₹6,100 करोड़ का वैल्यूएशन हासिल करना है।
सेक्टर की चुनौतियां और कंपनी की वित्तीय चिंताएं
एंकर निवेशकों से मजबूत मांग के बावजूद, Citius TransNet को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले सात महीनों में भारत में सड़क निर्माण में 12% की सालाना गिरावट देखी गई है, और प्रोजेक्ट अवार्ड्स (Project Awards) में कमी से रेवेन्यू की विजिबिलिटी (Revenue Visibility) प्रभावित हो रही है। हालांकि, टोल रोड ऑपरेशंस (Toll Road Operations) में FY2026 में 4-5% की अनुमानित ट्रैफिक ग्रोथ (Traffic Growth) के साथ स्थिरता बनी हुई है, लेकिन कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी धीमी है। InvIT की अपनी वित्तीय स्थिति भी चिंता का विषय है; 31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी का नेट वर्थ (Net Worth) -₹3,312.88 करोड़ और नेट लॉस (Net Loss) -₹219.05 करोड़ था। सरकारी अथॉरिटीज से मिलने वाले एन्युइटी पेमेंट्स (Annuity Payments) पर निर्भरता में भी पेमेंट रिस्क (Payment Risk) शामिल है।