Anawil Wire and Engineering का IPO पहले ही दिन निवेशकों के बीच खूब लोकप्रिय रहा। पहले दिन यानी 3 अगस्त को, कंपनी के **4.42** गुना सब्सक्रिप्शन की खबर आई। कंपनी के **2.08 करोड़** शेयरों के लिए बोलियां आईं, जबकि ऑफर साइज सिर्फ **47.1 लाख** शेयरों का था। गुजरात की यह कंपनी IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपना कर्ज चुकाने के लिए करेगी।
पहले दिन कैसा रहा IPO का हाल?
गुजरात की Anawil Wire and Engineering कंपनी के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को 3 अगस्त को शानदार शुरुआत मिली। पहले ही दिन कंपनी को 47.1 लाख शेयरों के ऑफर साइज के मुकाबले 2.08 करोड़ इक्विटी शेयरों के लिए बोलियां मिलीं, जिससे कुल मिलाकर 4.42 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया।
निवेशकों की रुचि
Institutional Investors (QIBs) ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई, जिनके लिए रिजर्व रखे गए कोटे को 7.09 गुना सब्सक्राइब किया गया। रिटेल निवेशकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने कोटे को 4.25 गुना सब्सक्राइब किया। वहीं, Non-Institutional Investors (NIIs) का कोटा 2.79 गुना सब्सक्राइब हुआ। यह शुरुआती रुझान रिन्यूएबल एनर्जी सपोर्ट सेक्टर की कंपनियों में निवेशकों की रुचि को दर्शाता है।
ग्रे मार्केट का प्रीमियम (GMP)
बाजार के जानकारों की नजर ग्रे मार्केट पर भी है, जहां ₹270 प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड से लगभग 30% के प्रीमियम पर ट्रेडिंग की खबरें हैं। हालांकि, यह ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक होता है और लिस्टिंग से पहले इसमें काफी उतार-चढ़ाव आ सकता है।
IPO फंड का इस्तेमाल
कंपनी फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए कुल ₹177.8 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इसमें से फ्रेश इश्यू का हिस्सा लगभग ₹115 करोड़ जुटाएगा। कंपनी के खुलासों के मुताबिक, इस फंड का मुख्य उद्देश्य बकाया उधारों को चुकाना है। मई 2026 तक, कंपनी पर कुल ₹130.9 करोड़ का कर्ज था। इस कर्ज के बोझ को कम करना कंपनी का एक अहम लक्ष्य है, जिससे भविष्य में ब्याज के खर्चों में कमी आ सकती है और नेट प्रॉफिट मार्जिन सुधर सकता है।
बिजनेस और जोखिम
Anawil Wire and Engineering विंडमिल टावर बनाने के सेगमेंट में काम करती है। इस सेक्टर की कंपनियां अक्सर रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स की साइक्लिकल नेचर और विंड पावर क्षमता विस्तार के लिए सरकारी नीतियों पर निर्भर करती हैं। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कंपनी की ऑर्डर बुक को पूरा करने की गति और स्टील जैसी कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता एक महत्वपूर्ण फैक्टर है।
इसके अलावा, IPO में प्रमोटर Nimish Kumar Rameshchandra Vashi द्वारा 13 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल भी शामिल है। निवेशक मैनेजमेंट की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का अंदाजा लगाने के लिए प्रमोटर की हिस्सेदारी में बदलाव पर नजर रखते हैं। पब्लिक इश्यू से पहले, कंपनी ने 31 जुलाई को एंकर निवेशकों से ₹50.6 करोड़ जुटाए थे, जो रिटेल सब्सक्रिप्शन से पहले संस्थागत रुचि का संकेत देता है।
निवेशकों के लिए अगली महत्वपूर्ण जानकारी IPO बंद होने पर अंतिम सब्सक्रिप्शन नंबर, अलॉटमेंट का आधार और स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग की कीमत होगी।
