रियल एस्टेट एडवाइजरी फर्म Anarock Property Consultants ने ₹1,000 करोड़ के IPO के लिए SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर फाइल किए हैं। इसमें ₹550 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹450 करोड़ का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल है।
मुंबई स्थित Anarock Property Consultants ने अब पब्लिक होने की राह पकड़ ली है। कंपनी ने बाजार नियामक SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा कर दिया है। इस IPO के जरिए कंपनी ₹1,000 करोड़ जुटाना चाहती है, जिसमें ₹550 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे और मौजूदा शेयरधारक ₹450 करोड़ के शेयरों की बिक्री (OFS) करेंगे। इस बिक्री में 360 ONE WAM जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।
बिजनेस मॉडल को समझें
अनारॉक डेवलपर्स की तरह जमीन नहीं खरीदती, बल्कि यह रियल एस्टेट सर्विस सेक्टर की दिग्गज कंपनी है। इसका मुख्य काम ट्रांजैक्शन एडवाइजरी, लीजिंग और मैनेजमेंट सर्विस देना है। यानी कंपनी की कमाई रियल एस्टेट मार्केट की एक्टिविटी पर निर्भर करती है, प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने या घटने पर नहीं।
फाइनेंशियल सेहत और खर्च की योजना
कंपनी की ग्रोथ पर नजर डालें तो मार्च 2026 तक कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹93.2 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹60.8 करोड़ था। इसी तरह रेवेन्यू भी ₹658.9 करोड़ से उछलकर ₹881.9 करोड़ पर पहुंच गया है। IPO से मिलने वाली रकम का ₹120 करोड़ हिस्सा कंपनी अपनी AI क्षमताओं और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स को बेहतर बनाने पर खर्च करेगी। साथ ही, ₹148 करोड़ का इस्तेमाल DSP Design Associates में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में किया जाएगा।
निवेशकों के लिए जोखिम और जरूरी बातें
निवेशकों को यह समझना चाहिए कि कंपनी का पूरा दांव टेक्नोलॉजी पर है। अगर रियल एस्टेट में नई लॉन्चिंग या लीजिंग की रफ्तार धीमी पड़ती है, तो कंपनी के रेवेन्यू पर दबाव आ सकता है। इसके अलावा, कंपनी ₹110 करोड़ तक के प्री-IPO प्लेसमेंट पर भी विचार कर रही है, जिससे भविष्य में फ्रेश इश्यू का साइज बदल सकता है। कंपनी के प्रमोटर अनुज पुरी और रोहिन राजा शाह के पास फिलहाल 66.41% हिस्सेदारी है।
