बेंगलुरु की सोलर रोबोट निर्माता कंपनी Aegeus Technologies 4 अगस्त को अपना IPO लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ₹23.71 करोड़ के इस IPO के ज़रिए शेयर जारी करेगी। निवेशक 6 अगस्त तक इसमें निवेश कर सकते हैं, जिसका इस्तेमाल कंपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने और प्रोडक्ट डेवलपमेंट के लिए करेगी।
IPO से जुटाई जाएगी ₹23.71 करोड़ की राशि
Aegeus Technologies, जो सोलर पैनल की सफाई करने वाले रोबोट बनाती है, ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की घोषणा की है। यह IPO 4 अगस्त, 2026 से खुलेगा और 6 अगस्त, 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध रहेगा। कंपनी इस इश्यू के ज़रिए 22.58 लाख इक्विटी शेयर जारी कर कुल ₹23.71 करोड़ जुटाएगी। IPO से एक दिन पहले, 3 अगस्त को एंकर निवेशकों के लिए बोली लगेगी।
कंपनी ने प्रति शेयर ₹100 से ₹105 का प्राइस बैंड तय किया है। इस प्राइसिंग के आधार पर, कंपनी का अनुमानित मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग ₹87.9 करोड़ होगा। यह IPO पूरी तरह से फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) है, जिसका मतलब है कि IPO से जुटाई गई सारी रकम सीधे कंपनी के पास जाएगी और इसका इस्तेमाल कंपनी की ग्रोथ और ज़रूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा, न कि किसी मौजूदा शेयरधारक के बाहर निकलने के लिए।
बिजनेस मॉडल और वित्तीय प्रदर्शन
Aegeus Technologies सोलर एनर्जी सेक्टर के लिए ऑटोमेशन सॉल्यूशंस प्रदान करती है, खासकर सोलर पैनल की सफाई और रखरखाव पर ध्यान केंद्रित करती है। इनके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्लांट्स के लिए 'यूनिकॉर्न' रोबोट और रूफटॉप इंस्टॉलेशन के लिए 'श्री' रोबोट शामिल हैं। कंपनी के दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स हैं और यह हार्डवेयर बिक्री के साथ-साथ सर्विस कॉन्ट्रैक्ट्स से भी रेवेन्यू जेनरेट करती है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में, प्रोडक्ट बिक्री से 55% रेवेन्यू आया, जबकि मेंटेनेंस सर्विसेज से 45% का योगदान रहा।
वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी ने ज़बरदस्त ग्रोथ दर्ज की है। इसका नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹4.02 करोड़ हो गया, जो पिछले साल (FY25) के ₹1.4 करोड़ की तुलना में काफी ज़्यादा है। इसी अवधि में, रेवेन्यू में 87% की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹21.9 करोड़ से बढ़कर ₹40.9 करोड़ हो गया।
विस्तार की योजनाएं और फंड का उपयोग
कंपनी के मैनेजमेंट ने IPO से जुटाई जाने वाली राशि के उपयोग के लिए स्पष्ट योजनाएं बनाई हैं। कंपनी ₹5.74 करोड़ का इस्तेमाल एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के निर्माण में करेगी, जिसमें ज़मीन की लागत और निर्माण शामिल है। इसके अलावा, ₹2.86 करोड़ प्रोडक्ट रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) पर खर्च किए जाएंगे, जबकि ₹8 करोड़ वर्किंग कैपिटल को मजबूत करने के लिए आवंटित किए गए हैं ताकि बढ़ते बिज़नेस के डे-टू-डे ऑपरेशंस को सपोर्ट किया जा सके। बाकी बची हुई राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
जो निवेशक इस IPO को ट्रैक कर रहे हैं, उन्हें कॉम्पिटिटिव सोलर मेंटेनेंस मार्केट में कंपनी की ग्रोथ बनाए रखने की क्षमता पर नज़र रखनी चाहिए। नई फैसिलिटी में प्रोडक्शन स्केल को बढ़ाने की रफ़्तार इस बात को तय करेगी कि कंपनी कितनी तेज़ी से अपना रेवेन्यू बढ़ा पाती है। Turnaround Corporate Advisors इस इश्यू के लिए बुक-रनिंग लीड मैनेजर है।
