गुजरात की ऑटो कंपोनेंट निर्माता Advance Technoforge 27 जुलाई को अपना ₹24 करोड़ का IPO लॉन्च करने जा रही है। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल नई मशीनरी, वर्किंग कैपिटल और कर्ज चुकाने के लिए करेगी। यह शेयर 3 अगस्त को BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे।
Detailed Coverage
Advance Technoforge IPO: निवेशकों के लिए मौका
गुजरात स्थित ऑटो कंपोनेंट निर्माता Advance Technoforge ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की घोषणा कर दी है। यह IPO 27 जुलाई 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब ₹24.03 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, जिसमें 25.29 लाख नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इस फिक्स्ड-प्राइस इश्यू का भाव ₹95 प्रति शेयर तय किया गया है, जिसके बाद कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन लगभग ₹86 करोड़ होगा।
यह पब्लिक सब्सक्रिप्शन 27 जुलाई से शुरू होकर 29 जुलाई 2026 तक चलेगा। कंपनी 30 जुलाई को शेयर अलॉटमेंट फाइनल करने की उम्मीद कर रही है, और 3 अगस्त 2026 को BSE SME प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी। Sun Capital Advisory Services इस इश्यू के एकमात्र लीड मैनेजर के तौर पर काम कर रहा है।
कंपनी का फोकस और कैपिटल स्पेंडिंग
2013 में स्थापित Advance Technoforge, ऑटोमोटिव, हेवी मशीनरी और ऑयल एंड गैस जैसे विभिन्न उद्योगों के लिए फोर्ज्ड और मशीनीकृत कंपोनेंट्स बनाती है। IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग चार मुख्य क्षेत्रों में किया जाएगा:
- नई मशीनरी: ₹7.19 करोड़ का इस्तेमाल नई मशीनें खरीदने और स्थापित करने में होगा, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
- वर्किंग कैपिटल: ₹7.25 करोड़ दैनिक संचालन और इन्वेंट्री प्रबंधन के लिए वर्किंग कैपिटल को सपोर्ट करेंगे।
- कर्ज भुगतान: ₹2.4 करोड़ का उपयोग मौजूदा कर्ज को चुकाने के लिए किया जाएगा, जिससे ब्याज लागत कम हो सकती है।
- अन्य खर्चे: शेष ₹3.59 करोड़ सामान्य कॉर्पोरेट खर्चों के लिए रखे गए हैं।
यह कैपिटल स्पेंडिंग प्लान कंपनी की तकनीकी क्षमता को बढ़ाने और लिक्विडिटी बनाए रखने की मंशा को दर्शाता है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में, कंपनी का रेवेन्यू ₹50.04 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹50.7 करोड़ से मामूली कम है। हालांकि, रेवेन्यू में मामूली गिरावट के बावजूद, कंपनी के मुनाफे में काफी सुधार हुआ है। नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹4.06 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹2.7 करोड़ था।
इस मुनाफे में बढ़ोतरी का मुख्य कारण ऑपरेशनल एफिशिएंसी रही। कंपनी का EBITDA 51.6% बढ़कर ₹7.7 करोड़ हो गया, और EBITDA मार्जिन भी 15.33% तक पहुँच गया, जो पिछले साल 9.98% था। निवेशकों को इस पर नजर रखनी चाहिए कि क्या कंपनी नई मशीनरी के साथ अपने मार्जिन को बनाए रख पाती है। चूंकि यह एक SME IPO है, इसलिए निवेशकों को छोटे एक्सचेंजों पर लिस्टेड कंपनियों से जुड़े लिक्विडिटी रिस्क पर भी विचार करना चाहिए, जहां ट्रेडिंग वॉल्यूम अक्सर मेन बोर्ड की तुलना में कम होते हैं।
