Adroit Industries का **₹150.7 करोड़** का IPO निवेश के लिए खुलते ही छा गया है। महज **2** घंटे के भीतर यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया, जिसमें रिटेल निवेशकों का उत्साह देखते ही बन रहा है।
बाजार में जोरदार शुरुआत
Adroit Industries के IPO को लेकर निवेशकों में जबरदस्त उत्साह है। 23 सितंबर को इश्यू खुलने के कुछ ही घंटों में इसे शानदार रिस्पांस मिला। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 11:50 बजे तक 7.87 मिलियन शेयरों के मुकाबले 11.77 मिलियन शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी थीं। रिटेल निवेशकों ने अपना कोटा 2.28 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों ने 1.65 गुना सब्सक्राइब किया है।
इस ₹150.7 करोड़ के IPO में नए शेयरों के साथ-साथ प्रमोटर एंटिटी 'मुकेश सांगला HUF' द्वारा ऑफर फॉर सेल भी शामिल है। लिस्टिंग से पहले ही कंपनी ने एंकर निवेशकों जैसे Abakkus Venture Opportunities Fund और Chhattisgarh Investments से ₹45.21 करोड़ जुटाकर अपनी मजबूती दिखाई है।
फंड का इस्तेमाल और रणनीति
कंपनी ने फंड के इस्तेमाल का साफ खाका तैयार किया है। इसमें से ₹63.8 करोड़ का इस्तेमाल देवास और पीथमपुर प्लांट में नई मशीनरी लगाने और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने में किया जाएगा। इसके अलावा, ₹24.1 करोड़ का उपयोग सब्सिडियरी कंपनी 'Adroit Driveshafts' का कर्ज चुकाने के लिए होगा, जो बैलेंस शीट को हल्का करने में मदद करेगा।
रिस्क और चुनौतियां
कंपनी ऑटो एंसिलरी सेक्टर से जुड़ी है, जो ऑटोमोबाइल डिमांड पर निर्भर करती है। हालांकि स्टील और अलॉय जैसी कच्ची सामग्री की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं। साथ ही, नई कैपेसिटी एक्सपेंशन को समय पर पूरा करने का रिस्क भी बना हुआ है, जिसे निवेशकों को ट्रैक करना चाहिए।
ग्रे मार्केट का मूड
ग्रे मार्केट में फिलहाल 20% का प्रीमियम चल रहा है, जो इश्यू प्राइस ₹134 के मुकाबले करीब ₹27 प्रति शेयर की लिस्टिंग गेन का इशारा करता है। हालांकि, निवेशकों को याद रखना चाहिए कि ग्रे मार्केट अनौपचारिक है और अंतिम निर्णय संस्थागत निवेशकों (QIB) की भागीदारी के बाद ही साफ होगा। यह इश्यू 25 सितंबर को बंद होगा।
