Snapdeal की पैरेंट कंपनी AceVector Limited की बाजार में एंट्री बेहद कमजोर रही। कंपनी के शेयर ₹32 के इश्यू प्राइस के मुकाबले **11.5%** के डिस्काउंट पर ₹28.32 के स्तर पर लिस्ट हुए।
बाजार में निराशाजनक एंट्री
AceVector Limited की मार्केट में शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। 5 अक्टूबर 2026 को कंपनी के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹28.32 और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर ₹28.30 पर खुले। यह गिरावट कंपनी के आईपीओ प्राइस ₹32 से सीधे 11.5% नीचे है।
क्यों रही सुस्त डिमांड?
कंपनी ने आईपीओ के जरिए ₹420 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा था, जिसमें ₹287 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹133 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल था। आईपीओ को निवेशकों से केवल 4.93 गुना रिस्पॉन्स मिला था, जो अन्य हालिया लिस्टिंग के मुकाबले काफी कम रहा। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ई-कॉमर्स सेक्टर में अभी प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसका असर शेयर की कीमत पर दिखा है।
बिजनेस मॉडल और चुनौतियां
AceVector के पास Snapdeal, Unicommerce और Stellaro Brands जैसे पोर्टफोलियो हैं। कंपनी एसेट-लाइट मॉडल पर काम करती है, लेकिन भारतीय बाजार में Amazon और Flipkart जैसे बड़े दिग्गजों के सामने टिके रहना एक बड़ी चुनौती है। कंपनी का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड लगातार नुकसान और नेगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो का रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा थोड़ा डगमगाया है।
अब निवेशकों की नजरें किस पर?
शेयरधारकों की नजर अब मैनेजमेंट पर है कि वे आईपीओ से मिले फंड का इस्तेमाल कैसे करते हैं। कंपनी के अगले क्वार्टरली रिजल्ट्स में घाटा कम करने की कोशिश और कैश फ्लो में सुधार ही तय करेगा कि भविष्य में स्टॉक में रिकवरी होगी या नहीं।
