Snapdeal की पैरेंट कंपनी AceVector के IPO में SoftBank समर्थित Starfish I Pte Ltd ने **₹88.3 करोड़** के शेयर बेच दिए हैं। कंपनी **5 अक्टूबर** को बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है और इश्यू को **5.07 गुना** सब्सक्रिप्शन मिला है।
बाजार में धाक जमाने की तैयारी
Snapdeal की पैरेंट कंपनी AceVector का IPO अब अपने अंतिम चरण में है और कंपनी 5 अक्टूबर, 2026 को शेयर बाजार में डेब्यू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस IPO के जरिए कंपनी ने कुल ₹420 करोड़ जुटाए हैं। इसमें ₹287 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल है, जिसका उपयोग कंपनी अपने ऑपरेशन्स को बढ़ाने में करेगी, जबकि ₹133 करोड़ ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के जरिए जुटाए गए हैं।
बड़े निवेशकों की बात करें तो SoftBank समर्थित Starfish I Pte Ltd ने 2.76 मिलियन शेयर बेचकर ₹88.3 करोड़ की निकासी की है। निवेशकों का रिस्पॉन्स काफी पॉजिटिव रहा और ₹32 प्रति शेयर के भाव पर इश्यू को 5.07 गुना सब्सक्राइब किया गया।
फाइनेंशियल सुधार और फोकस
कंपनी ने अपने घाटे को कम करने में बड़ी सफलता हासिल की है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का नेट लॉस घटकर ₹45.51 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹126.31 करोड़ था। एक बड़ा सकारात्मक बदलाव यह है कि कंपनी इस बार फ्री कैश फ्लो पॉजिटिव हो गई है और उसने ₹10.82 करोड़ का एडजस्टेड फ्री कैश फ्लो जनरेट किया है।
जुटाए गए ₹287 करोड़ का इस्तेमाल मार्केटिंग, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और संभावित अधिग्रहणों (acquisitions) में किया जाएगा। कंपनी की सहायक कंपनी 'Unicommerce' भी उसके SaaS बिजनेस के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
प्रतिस्पर्धा और चुनौतियां
AceVector की राह इतनी आसान भी नहीं है। भारत के ई-कॉमर्स मार्केट में Amazon और Flipkart जैसे दिग्गजों का कब्जा है, जिनके पास विशाल रिसोर्सेज हैं। कंपनी का पूरा जोर टियर-2 और टियर-3 शहरों पर है। साथ ही, थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स पर निर्भरता और लगातार बढ़ता मार्केटिंग खर्च कंपनी के लिए चुनौती बना रह सकता है। अब निवेशकों की नजरें 5 अक्टूबर की लिस्टिंग और कंपनी के पहले तिमाही नतीजों पर टिकी होंगी, जिससे पता चलेगा कि क्या मैनेजमेंट अपने कैश फ्लो और प्रॉफिट के लक्ष्यों को बनाए रख पाता है या नहीं।
