Snapdeal की पैरेंट कंपनी AceVector Limited ने अपने **₹420 करोड़** के IPO से ठीक पहले एंकर निवेशकों से **₹189 करोड़** जुटा लिए हैं। कंपनी के शेयरों का प्राइस बैंड **₹30-32** तय किया गया है और सब्सक्रिप्शन **25 सितंबर** से शुरू होगा।
एंकर निवेशकों का जोरदार भरोसा
AceVector Limited ने एंकर बुक के जरिए ₹189 करोड़ जुटाकर बाजार में अपनी दस्तक दे दी है। कंपनी ने 14 बड़े संस्थागत निवेशकों को ₹32 प्रति शेयर (जो कि प्राइस बैंड का ऊपरी हिस्सा है) के भाव पर 5.9 करोड़ शेयर आवंटित किए हैं। यह IPO 25 सितंबर को खुलेगा और 29 सितंबर तक निवेशक इसमें बोली लगा सकेंगे।
IPO का गणित और पैसा कहां खर्च होगा?
कुल ₹420 करोड़ के इस पब्लिक इश्यू में ₹287 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे, साथ ही प्रमोटर एंटिटी 'Starfish' की तरफ से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) भी शामिल है। एंकर राउंड में Negen Undiscovered Value Fund ने सबसे ज्यादा ₹40 करोड़ का निवेश किया है, जबकि Singularity AMC ने ₹27 करोड़ और 360 ONE Asset Management ने ₹20 करोड़ का दांव लगाया है।
कंपनी ने जुटाई गई पूंजी के इस्तेमाल का खाका तैयार कर लिया है:
- ₹132 करोड़: मार्केटिंग और प्रमोशन के लिए।
- ₹50 करोड़: टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए।
- बाकी रकम जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों और ग्रोथ इनिशिएटिव्स में खर्च होगी।
चुनौतियां और भविष्य की राह
ई-कॉमर्स सेक्टर में Snapdeal का मुकाबला बड़े खिलाड़ियों से है। निवेशकों को यह ध्यान में रखना होगा कि ई-कॉमर्स बिजनेस में मार्केट शेयर बनाए रखने के लिए भारी खर्च (Cash Burn) करना पड़ता है। कंपनी की सफलता अब इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने मार्केटिंग बजट का इस्तेमाल करके ग्राहकों को कितनी मजबूती से रिटेन कर पाती है।
बता दें कि AceVector को SoftBank, Nexus Venture Partners और eBay International AG जैसे दिग्गज निवेशकों का समर्थन प्राप्त है। इस पूरे IPO को मैनेज करने की जिम्मेदारी IIFL Capital Services, CLSA India और Systematix Corporate Services संभाल रहे हैं।
