Snapdeal की पैरेंट कंपनी AceVector अपना IPO लेकर आ रही है। 25 सितंबर से खुलने वाले इस इश्यू में कंपनी ने फ्रेश फंड जुटाने की सीमा को घटाकर ₹287 करोड़ कर दिया है।
IPO की टाइमलाइन और साइज
AceVector का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 25 सितंबर 2026 को खुलने जा रहा है। एंकर निवेशकों के लिए बिडिंग प्रक्रिया 24 सितंबर से शुरू होगी और आम निवेशकों के लिए यह खिड़की 29 सितंबर तक खुली रहेगी। कंपनी के शेयर 5 अक्टूबर तक लिस्ट होने की उम्मीद है। कंपनी ने अपने फ्रेश इश्यू के साइज को पहले के ₹300 करोड़ से घटाकर अब ₹287 करोड़ कर दिया है। इसके अलावा, ऑफर-फॉर-सेल (OFS) में भी कटौती की गई है, जिसके तहत अब 4.15 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे, जो पहले 6.38 करोड़ तय किए गए थे।
फाइनेंशियल हेल्थ पर नजर
AceVector मुख्य रूप से Snapdeal (वैल्यू ई-कॉमर्स), Unicommerce eSolutions और Stellaro Brands के जरिए अपना कारोबार चलाती है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू ₹510.4 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 29.2% की बढ़ोतरी दर्शाता है। अच्छी बात यह है कि कंपनी का नेट लॉस कम हो रहा है; FY26 में कंपनी को ₹60.7 करोड़ का घाटा हुआ है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹139.2 करोड़ था।
बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी
इस IPO में SoftBank की सब्सिडियरी Starfish, Nexus Venture Partners, और कंपनी के फाउंडर्स कुणाल बहल और रोहित कुमार बंसल अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। फिलहाल कंपनी के सामने Flipkart, Amazon और Meesho जैसे दिग्गजों की कड़ी चुनौती है।
फंड का इस्तेमाल
IPO से मिलने वाली रकम में से कंपनी ₹132 करोड़ का इस्तेमाल मार्केटिंग और प्रमोशन पर करेगी, जबकि ₹50 करोड़ टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए आवंटित किए गए हैं। निवेशक 22 सितंबर को आने वाले प्राइस बैंड का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिससे कंपनी के वैल्यूएशन का सटीक अंदाजा लग सकेगा।
