Abakkus Asset Manager जल्द ही अपना आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी कर रही है, जिसकी वैल्यूएशन **₹9,000 से ₹10,000 करोड़** के बीच रहने का अनुमान है। कंपनी अभी तक PMS और AIF में मजबूत पकड़ रखती थी, लेकिन अब म्यूचुअल फंड के बाजार में भी कदम रख चुकी है।
IPO की संरचना और डिटेल्स
Abakkus Asset Manager ने अपने मार्केट डेब्यू की तैयारी तेज कर दी है। यह आईपीओ पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) होगा, जिसमें प्रमोटर कंपनी 'Abakkus Expert Professionals LLP' अपने 1.5 करोड़ शेयर बेचेगी। इसका सीधा मतलब यह है कि इस बिक्री से मिलने वाली राशि प्रमोटर्स के पास जाएगी और कंपनी को कोई भी 'फ्रेश कैपिटल' (Fresh Capital) नहीं मिलेगा।
अब तक का प्रदर्शन और बदलाव
मार्च 2026 तक कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹327 करोड़ रहा है, जबकि रेवेन्यू ₹796 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी की कमाई का मुख्य जरिया अब तक 'पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज' (PMS) और 'अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड' (AIF) रहे हैं। ये प्रोडक्ट्स आमतौर पर अमीर निवेशकों के लिए होते हैं, जहां फीस 2% के आसपास काफी ऊंची होती है।
म्यूचुअल फंड कारोबार से जुड़ा रिस्क
दिसंबर 2025 में म्यूचुअल फंड सेगमेंट में एंट्री के बाद कंपनी की रणनीति बदल गई है। म्यूचुअल फंड में फीस स्ट्रक्चर काफी कम (लगभग 35 से 40 बेसिस पॉइंट्स) होता है। ऐसे में आशंका है कि जैसे-जैसे कंपनी का एसेट बेस बढ़ेगा, उसकी ओवरऑल 'ब्लेंडेड फीस इनकम' कम हो सकती है, जो FY26 में 1.83% थी।
आगे क्या होगा?
वर्तमान में PMS सेगमेंट में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 5.3% है। अपनी स्थिति को मजबूत रखने के लिए कंपनी ने 'Fokkus' ब्रांड के तहत नए प्रोडक्ट्स लॉन्च किए हैं। अब निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कंपनी म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म की एफिशिएंसी से कम फीस वाली इस कमी को पूरा कर पाएगी और अपनी वैल्यूएशन को बरकरार रख सकेगी।
