दिग्गज निवेशक सुनील सिंघानिया के नेतृत्व वाली Abakkus Asset Manager ने IPO के लिए SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर फाइल कर दिए हैं। कंपनी **₹52,609 करोड़** का AUM संभालती है और अब शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की तैयारी में है।
दिग्गज इन्वेस्टर सुनील सिंघानिया द्वारा स्थापित Abakkus Asset Manager ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा कर दिया है। यह कंपनी अब उन प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनियों की फेहरिस्त में शामिल होने जा रही है, जो शेयर बाजार पर लिस्टेड हैं।
इंडस्ट्री की ग्रोथ और आंकड़े
यह कदम भारतीय एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री के शानदार विस्तार के बीच आया है। Crisil Intelligence के आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय परिवारों की बचत का म्यूचुअल फंड्स में रुझान तेजी से बढ़ा है, जो 2020 में 3% था और 2025 तक बढ़कर 13% हो गया है। SIP के जरिए आने वाला पैसा भी लगातार रिकॉर्ड स्तर पर है, जो हाल ही में ₹32,297 करोड़ के मासिक इनफ्लो तक पहुंच गया है।
Abakkus की ग्रोथ स्टोरी
Abakkus का पोर्टफोलियो मुख्य रूप से PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) और AIF (अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स) पर केंद्रित रहा है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2024 से 2026 के बीच 18.39% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट दर्ज की है, जो बाजार में इसकी मजबूत ब्रांड वैल्यू को दर्शाता है।
चुनौतियां और बाजार की स्थिति
हालांकि, भारत में यह दसवीं एसेट मैनेजमेंट कंपनी होगी जो पब्लिक होने जा रही है। बाजार में पहले से ही स्थापित खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण कड़ी प्रतिस्पर्धा है। इसके अलावा, SEBI द्वारा टोटल एक्सपेंस रेशियो और फीस स्ट्रक्चर पर लगातार कसे जा रहे नियमों का असर कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ सकता है। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी होगा कि कंपनी कैसे अपने एसेट मिक्स और क्लाइंट रिटेंशन को बनाए रखती है, क्योंकि लिस्टिंग के बाद वैल्यूएशन को मेंटेन करना हर बड़ी फंड हाउस के लिए एक बड़ी चुनौती रही है।
