ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) को मैनेज करने वाली कंपनी ANSR ने साल 2027 में अपना IPO लाने की घोषणा की है। इस लिस्टिंग का मकसद Accel और Accenture जैसे शुरुआती निवेशकों को एग्जिट देना और AI-संचालित टैलेंट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म का विस्तार करना है।
बाजार में आने की तैयारी
भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के मैनेजमेंट में अहम भूमिका निभाने वाली कंपनी ANSR ने अपने भविष्य के रोडमैप का खुलासा किया है। कंपनी ने साल 2027 तक अपना IPO लाने का मन बनाया है। यह कदम न केवल कंपनी को पब्लिक मार्केट में ले जाएगा, बल्कि Accel Partners, Accenture और ServiceNow जैसे पुराने निवेशकों के लिए लिक्विडिटी का जरिया भी बनेगा। फिलहाल कंपनी मुनाफे में है, जो इसके पब्लिक लिस्टिंग के सफर के लिए एक मजबूत आधार है।
AI पर बड़ा दांव
कंपनी का मुख्य फोकस अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपने ऑपरेशन्स के साथ गहराई से जोड़ने पर है। इसके लिए कंपनी ने अपनी '1Wrk' डिवीजन में निवेश बढ़ा दिया है। टैलेंट एक्विजिशन और वर्कफोर्स प्लानिंग के लिए कंपनी ने हाल ही में 2,400 से ज्यादा AI स्पेशलिस्ट और 120 ग्लोबल लीडर्स को काम पर रखा है।
GCC सेक्टर का बदलता चेहरा
भारत में GCC का इकोसिस्टम तेजी से बढ़ रहा है। देश में अभी करीब 2,000 सेंटर्स काम कर रहे हैं, जिनमें 25 लाख से ज्यादा प्रोफेशनल जुड़े हैं। अनुमान है कि 2030 तक यह मार्केट $100 बिलियन की वैल्यू तक पहुंच सकता है। ANSR के पोर्टफोलियो में साल 2026 की पहली छमाही में हायरिंग 12% से 15% सालाना की दर से बढ़ी है, जो IT सेक्टर की औसत ग्रोथ से काफी बेहतर है।
चुनौतियां और भविष्य की राह
कंपनी के लिए सबसे बड़ा प्लस पॉइंट इसका कम एट्रिशन रेट है, जो 7% से भी कम है, जबकि इंडस्ट्री का औसत 14% के करीब है। हालांकि, निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या कंपनी भविष्य में भी इस ग्रोथ को बरकरार रख पाएगी। इसके अलावा, ग्लोबल कॉरपोरेट स्ट्रैटेजी में आने वाले बदलाव ANSR के बिजनेस पर असर डाल सकते हैं। अब देखना ये होगा कि क्या कंपनी का नया AI प्लेटफॉर्म '1Wrk' अपनी मुख्य कंसल्टिंग सर्विस से अलग एक स्वतंत्र रेवेन्यू मॉडल तैयार कर पाता है या नहीं।
