A-One Steels IPO: अलॉटमेंट आज, जानें कब होगी शेयर बाजार में एंट्री

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AuthorAditya Rao|Published at:
A-One Steels IPO: अलॉटमेंट आज, जानें कब होगी शेयर बाजार में एंट्री

A-One Steels India के **₹405 करोड़** के IPO का अलॉटमेंट आज फाइनल हो रहा है। निवेशकों ने इस इश्यू पर जबरदस्त भरोसा जताते हुए इसे **11.6 गुना** सब्सक्राइब किया है। कंपनी के शेयर **1 अक्टूबर** को शेयर बाजार में लिस्ट होंगे और जुटाए गए फंड का एक बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होगा।

अलॉटमेंट की प्रक्रिया और रिस्पॉन्स

जिन निवेशकों ने A-One Steels India के IPO में दांव लगाया है, उनके लिए आज यानी 29 सितंबर का दिन काफी महत्वपूर्ण है। कंपनी के ₹405 करोड़ के इस पब्लिक इश्यू को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) कैटेगरी में सबसे ज्यादा उत्साह दिखा, जहां यह हिस्सा 24.51 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं, रिटेल निवेशकों ने 8.64 गुना और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने 7.30 गुना आवेदन किए हैं। सफल निवेशकों को 30 सितंबर तक उनके डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे।

कर्ज कम करने की रणनीति

कंपनी का मुख्य फोकस अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करना है। फ्रेश इश्यू से जुटाई गई ₹355 करोड़ की राशि में से ₹250 करोड़ का इस्तेमाल सीधे कर्ज के भुगतान के लिए किया जाएगा। स्टील मैन्युफैक्चरिंग जैसे कैपिटल-इंटेंसिव बिजनेस में भारी कर्ज और उस पर लगने वाला ब्याज मुनाफे के मार्जिन पर दबाव डालता है। कंपनी की हालिया फाइनेंशियल रिपोर्ट बेहतर रही है, जिसमें रेवेन्यू बढ़कर ₹4,202.05 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹127.41 करोड़ तक पहुंच गया है।

रिस्क और बाजार की स्थिति

स्टील सेक्टर की प्रकृति साइक्लिकल (Cyclical) होती है, जहां ग्लोबल कमोडिटी की कीमतों और डिमांड में बदलाव का सीधा असर कंपनी के मार्जिन पर पड़ता है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ग्रे मार्केट (GMP) का प्रीमियम केवल सेंटीमेंट पर आधारित होता है और लिस्टिंग के दिन का प्रदर्शन इससे काफी अलग हो सकता है।

अलॉटमेंट कैसे चेक करें?

निवेशक अपना अलॉटमेंट स्टेटस जानने के लिए रजिस्ट्रार 'Bigshare Services' की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। इसके अलावा, NSE या BSE की वेबसाइट पर जाकर भी पैन (PAN) नंबर या एप्लीकेशन नंबर के जरिए स्थिति देखी जा सकती है। 1 अक्टूबर को होने वाली लिस्टिंग के बाद, बाजार की नजर कंपनी के कर्ज घटाने की रफ्तार और बदलते रॉ-मटीरियल की लागत को मैनेज करने की क्षमता पर रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.