साल 2026 में भारतीय IPO मार्केट में कुल 87 कंपनियां लिस्ट हुई हैं, जिनमें निवेशकों को औसतन **14%** का लिस्टिंग-डे गेन मिला है, जो पिछले साल के **9.3%** से कहीं ज्यादा है। हालांकि, बाजार में भारी अंतर है—जहाँ टेक और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के शेयर आसमान छू रहे हैं, वहीं कई कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट भी दर्ज की गई है।
प्राइमरी मार्केट: मुनाफे और जोखिम का अंतर
इस साल प्राइमरी मार्केट में जबरदस्त हलचल रही है। जहां औसत लिस्टिंग रिटर्न 14% तक पहुंच गया है, वहीं ये आंकड़े एक बड़ी सच्चाई छिपाते हैं—कि मार्केट में चुनिंदा कंपनियों के आगे भागने की होड़ है।
कौन बना विनर और कौन लूजर?
कुछ कंपनियों ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। ESDS Software Solution इस साल का स्टार बनकर उभरा है, जो लिस्टिंग के पहले दिन 112% भागा और इश्यू प्राइस से अब तक 289% का रिटर्न दे चुका है। इसके अलावा, Tempsens Instruments India और SS Retail ने भी क्रमशः 96% और 77% की शानदार शुरुआत की।
लेकिन दूसरी तरफ, कई शेयरों ने निवेशकों की पूंजी डुबो दी। Innovision और Shree Ram Twistex जैसे शेयरों में पहले दिन ही 28% और 31% की गिरावट आई। Waterways Leisure Tourism का मामला सबसे गंभीर है, जिसने इश्यू प्राइस से 87% की बड़ी गिरावट देखी है। यह उन निवेशकों के लिए सबक है जो बिना फंडामेंटल चेक किए केवल 'हाइप' के पीछे भागते हैं।
निवेशकों के लिए सलाह: 'ड्यू डिलिजेंस' है जरूरी
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि लिस्टिंग के दिन का जोश देखकर आंख मूंदकर निवेश न करें। निवेश से पहले RHP (Red Herring Prospectus) को जरूर पढ़ें। कंपनी पर कितना कर्ज है, IPO से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कहां होगा और वैल्यूएशन क्या है, ये बातें समझना बेहद जरूरी है। अगर कंपनी सिर्फ कर्ज चुकाने के लिए पैसे जुटा रही है, तो वहां सावधानी बरतें। आगे बढ़ते हुए, रिटेल निवेशकों को QIBs (Qualified Institutional Buyers) और एंकर निवेशकों के रुझान पर भी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह प्रोफेशनल सेंटीमेंट का एक अच्छा पैमाना है।
