7 से 15 सितंबर के बीच प्राइमरी मार्केट में बड़ी हलचल देखने को मिलेगी। कुल **11** कंपनियां IPO लेकर आ रही हैं, जिनका लक्ष्य **₹7,055 करोड़** जुटाना है। हालांकि, निवेशकों को सावधानी बरतनी होगी क्योंकि इस इश्यू साइज का करीब **70%** हिस्सा ऑफर फॉर सेल (OFS) है।
प्राइमरी मार्केट में इस हफ्ते जबरदस्त एक्शन देखने को मिल रहा है। 11 कंपनियों के आईपीओ एक साथ आना बाजार की लिक्विडिटी के लिए एक बड़ा टेस्ट साबित हो सकता है।
OFS का पेच समझें
निवेशकों को इस बात पर गौर करना चाहिए कि कुल ₹7,055 करोड़ के आईपीओ में से करीब 70% हिस्सा ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका मतलब है कि ज्यादातर पैसा कंपनी के विस्तार (Expansion) में न जाकर पुराने प्रमोटर्स और संस्थागत निवेशकों की जेब में जाएगा। निवेश से पहले यह देखना जरूरी है कि पैसा कंपनी के विकास में लग रहा है या प्रमोटर अपना हिस्सा बेचकर निकल रहे हैं।
FPIs की बिकवाली और बाजार का मूड
यह आईपीओ रश ऐसे समय में आ रहा है जब विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। अब सारा दारोमदार घरेलू संस्थागत निवेशकों और रिटेल निवेशकों पर है। महज 8 दिनों के भीतर 11 लिस्टिंग बाजार की तरलता पर दबाव डाल सकती है।
किन कंपनियों पर रहेगी नजर?
- Pranav Constructions: 7 सितंबर से खुल रहा है, इश्यू साइज ₹351.03 करोड़, प्राइस बैंड ₹118–124।
- Kanohar Electricals: 8 सितंबर से शुरुआत, लक्ष्य ₹1,055.74 करोड़, प्राइस बैंड ₹601–632।
- Rentomojo: 9 सितंबर को खुलेगा, लक्ष्य ₹1,255.57 करोड़, प्राइस बैंड ₹384–404।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि केवल सेक्टर की तेजी को देखकर फैसला न लें, बल्कि कंपनी के फंडामेंटल्स, डेट (कर्ज) और प्रॉफिट मार्जिन को गहराई से परखें।
