यूक्रेन ने रूस के दो बड़े ऑनलाइन रिटेलर Wildberries के वेयरहाउस और एक ऑयल डिपो पर ड्रोन से हमला किया है। इस हमले में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई है। लॉजिस्टिक्स हब पर हुआ यह हमला रूस की सप्लाई चेन के लिए बड़ा खतरा पैदा करता है।
क्या हुआ और कहाँ?
यूक्रेन की ओर से बीती रात रूस के अंदर बड़े लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल ठिकानों पर ड्रोन से हमले किए गए। इनमें से दो बड़े वेयरहाउस ऑनलाइन रिटेल कंपनी Wildberries के थे, जो मॉस्को और ताम्बोव इलाकों में स्थित हैं। इन वेयरहाउस का कंपनी के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में बड़ा रोल है। इस घटना में भारी नुकसान और जानें भी गई हैं।
रिटेल ऑपरेशन्स पर असर
रूसी अधिकारियों ने कन्फर्म किया है कि कोटॉस्क (यूक्रेन बॉर्डर से लगभग 360 किलोमीटर दूर) और इलेक्ट्रोस्टाल (मॉस्को के पूर्व में) स्थित वेयरहाउस में आग लग गई थी। Wildberries की फाउंडर, तत्याना किम ने बताया कि कोटॉस्क वाली आग पर काबू पा लिया गया है। ये वेयरहाउस कंज्यूमर गुड्स की आवाजाही के लिए बहुत अहम हैं। ऐसे हमलों से कंपनी के लॉजिस्टिक्स, इन्वेंटरी मैनेजमेंट और कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर को क्यों बनाया गया निशाना?
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की का कहना है कि इन हमलों का मकसद उन ठिकानों को निशाना बनाना था जो कथित तौर पर रूसी सेना के लॉजिस्टिक्स में मदद कर रहे थे, खासकर ड्रोन प्रोडक्शन और नेविगेशन इक्विपमेंट के मामले में। रिटेल वेयरहाउस के अलावा, नोगिंस्क में एक ऑयल डिपो पर भी हमला हुआ, जिससे आग लग गई और आस-पास के घरों और एक मैटरनिटी हॉस्पिटल को खाली कराना पड़ा। रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उन्होंने कई इलाकों में सैकड़ों ड्रोन को रोका, जिसमें क्रीमिया और काला सागर भी शामिल हैं। इससे हवाई हमलों की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जान-माल का नुकसान
ताम्बोव इलाके के अधिकारियों ने बताया कि कोटॉस्क वेयरहाउस में रात की शिफ्ट में काम कर रहे 7 कर्मचारियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। मॉस्को इलाके में भी एक शख्स की मौत हुई और दर्जनों लोग अस्पताल में भर्ती हुए। इलेक्ट्रोस्टाल में एक किंडरगार्टन जैसी जगहों पर भी ड्रोन के मलबे गिरने की खबर है, जिससे पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नुकसान पहुंचा है।
निवेशकों के लिए चिंता
क्षेत्र की निगरानी कर रहे निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता सप्लाई चेन में लंबे समय तक रुकावट और इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिरता को लेकर है। भले ही Wildberries एक प्राइवेट कंपनी है, लेकिन इन हमलों का पैमाना बड़े लॉजिस्टिकल नेटवर्क्स की बढ़ती कमजोरी को दिखाता है। ऐसे हालातों में कंपनियां अपनी सप्लाई लाइन्स को कैसे सुरक्षित रखती हैं और ऑपरेशन्स को जारी रखती हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
