वियतनाम सरकार ने टेक दिग्गजों Samsung और Qualcomm पर जोर डाला है कि वे अपने AI और सेमीकंडक्टर रिसर्च को वहां बढ़ाएं। सरकार देश को ग्लोबल हाई-टेक मैप पर ऊपर ले जाना चाहती है, लेकिन निवेशकों की नजरें Samsung के शेयर पर टिकी हैं।
हाई-टेक हब बनने की होड़
वियतनाम तेजी से खुद को ग्लोबल टेक सेक्टर में एक बड़े खिलाड़ी के तौर पर पेश कर रहा है। 27 और 28 अगस्त, 2026 को हनोई में सरकारी नेतृत्व ने Samsung Electronics और Qualcomm के अधिकारियों के साथ अहम बैठकें कीं। इसका मुख्य मकसद वियतनाम को केवल मैन्युफैक्चरिंग सेंटर से बदलकर AI, रोबोटिक्स और नेक्स्ट-जेन कनेक्टिविटी का इनोवेशन हब बनाना है।
Qualcomm का बड़ा प्लान
Qualcomm ने इस दिशा में अपने कदम बढ़ा दिए हैं। कंपनी वियतनाम को दुनिया के अपने 3 सबसे बड़े AI रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) हब में से एक बनाने की योजना बना रही है। इसमें 5G, 6G नेटवर्क और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास फोकस होगा, जो AI कंप्यूटिंग के लिए बेहद जरूरी हैं।
Samsung पर सरकार का दबाव
Samsung Electronics ने अब तक वियतनाम में $24 बिलियन का निवेश किया है। पिछले 17 सालों में कंपनी ने वियतनामी फैसिलिटीज से $500 बिलियन से अधिक का माल एक्सपोर्ट किया है। अब सरकार चाहती है कि कंपनी केवल असेंबली तक सीमित न रहकर देश के इनोवेशन इकोसिस्टम में गहराई से जुड़े।
निवेशकों की चिंता और मार्केट प्रेशर
निवेशक इन घटनाक्रमों को काफी बारीकी से देख रहे हैं। हालांकि 2026 की दूसरी तिमाही में Samsung ने रिकॉर्ड रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज किया है, लेकिन अगस्त के अंत में शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव दिखा है। इसका कारण कंपनी की शेयरहोल्डर रिटर्न (डिविडेंड) योजना का निवेशकों की उम्मीदों पर खरा न उतरना है।
साथ ही, सेमीकंडक्टर मार्केट में SK Hynix जैसे प्रतिद्वंद्वियों से तगड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। मेमोरी चिप साइकिल और AI कंपनियों के खर्च में किसी भी तरह की सुस्ती कंपनी के भविष्य के मुनाफे पर असर डाल सकती है। निवेशकों के लिए अब चुनौती यह है कि कंपनी अपनी वियतनाम की नई कमिटमेंट्स और ग्लोबल कॉम्पिटिशन के बीच संतुलन कैसे बैठाती है।
