US सरकार की नई ट्रेड पॉलिसी से Samsung और SK Hynix पर दबाव बढ़ गया है। बाहर से आने वाले चिप्स पर नए ड्यूटी नियमों के चलते सप्लाई चेन और मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका है, जिसे लेकर कंपनियां बातचीत में जुटी हैं।
सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। US कॉमर्स सेक्रेटरी Howard Lutnick ने संकेत दिए हैं कि देश के बाहर बने सेमीकंडक्टर इंपोर्ट्स पर नए टैरिफ लगाए जा सकते हैं। इस कदम का सीधा असर कोरियाई दिग्गज कंपनियों पर पड़ रहा है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Financial & Operational Risks)
बाजार में चिंता इस बात को लेकर है कि अगर US सरकार टैरिफ लागू करती है, तो इन कंपनियों को बड़ा वित्तीय झटका लग सकता है। या तो कंपनियों को अपने प्रॉफिट मार्जिन से समझौता करना होगा, या फिर ग्राहकों पर कीमतें बढ़ानी होंगी, जिससे डिमांड कम हो सकती है। फिलहाल, दोनों कंपनियां Texas और Indiana में अपने नए प्लांट्स पर काम कर रही हैं, लेकिन इन यूनिट्स के पूरी तरह चालू होने में समय लगेगा। इस बीच, तेजी से काम पूरा करने का दबाव उनके कैश फ्लो और डेट मैनेजमेंट को प्रभावित कर सकता है।
कूटनीतिक पेच (Diplomatic Hurdles)
यह मामला सिर्फ व्यापार का नहीं, बल्कि जियोपॉलिटिक्स से भी जुड़ा है। सियोल की सरकार लगातार बातचीत कर रही है, लेकिन डिफेंस से जुड़े कुछ संवेदनशील प्रोजेक्ट्स में देरी के कारण कूटनीतिक मोर्चे पर उन्हें सीमित लाभ मिल रहा है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या US सरकार इन कंपनियों को 'ग्रैंडफादर क्लॉज' या ग्रेस पीरियड की सुविधा देगी। जब तक पॉलिसी का फाइनल ड्राफ्ट सामने नहीं आता, तब तक प्रोडक्शन कॉस्ट और US एक्सपेंशन को लेकर मार्केट में अनिश्चितता बनी रहेगी।
