US Department of State ने 'बर्थ टूरिज्म' (Birth Tourism) को बढ़ावा देने वाले नेटवर्क और बिचौलियों पर नकेल कसने के लिए सख्त वीजा पाबंदियां लागू की हैं। इस कदम का मकसद नागरिकता दिलाने के नाम पर चल रहे संगठित रैकेट को खत्म करना है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बर्थ टूरिज्म के खिलाफ एक बड़ा पॉलिसी शिफ्ट घोषित किया है। सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो के अनुसार, नए नियम उन 'फैसिलिटेटर्स' और 'फिक्सर्स' को निशाना बनाएंगे जो विदेशी नागरिकों को अमेरिका में बच्चों को जन्म देकर नागरिकता दिलाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं और इमिग्रेशन नियमों को तोड़ने का रास्ता दिखाते हैं।
रैकेट और फ्रॉड पर लगाम
प्रशासन का मानना है कि ये संगठित नेटवर्क न केवल इमिग्रेशन सिस्टम का फायदा उठा रहे हैं, बल्कि Medicaid जैसे सरकारी संसाधनों का भी गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। अब उन विदेशी मेडिकल प्रोवाइडर्स पर भी नजर रखी जाएगी जो इस तरह की अवैध ट्रैवल प्लानिंग में मदद कर रहे हैं।
बिजनेस और इन्वेस्टमेंट पर असर
जो निवेशक मेडिकल टूरिज्म, इंटरनेशनल ट्रैवल और वीजा कंसल्टेंसी सेक्टर में सक्रिय हैं, उन्हें इस बदले हुए रेगुलेटरी माहौल पर नजर रखने की जरूरत है। अमेरिका का यह आक्रामक रुख बताता है कि आने वाले समय में इन सर्विसेज से जुड़े बिजनेस मॉडल्स की कड़ी जांच हो सकती है।
पुरानी कानूनी लड़ाई का नया मोड़
यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा बर्थराइट सिटीजनशिप पर लाए गए कड़े रुख का हिस्सा है। इससे पहले भी इस मुद्दे पर US Supreme Court में कानूनी जंग देखी जा चुकी है। अब सरकार का फोकस उन नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने पर है जो अमेरिकी नागरिकता को एक 'कमोडिटी' की तरह बेच रहे हैं।
