US Defense Secretary Pete Hegseth ने नौकरशाही के खर्च को कम करने के लिए जनवरी 2027 तक सीनियर मिलिट्री लीडरशिप में **20%** की कटौती का आदेश दिया है। इस बड़े बदलाव के कारण डिफेंस सेक्टर के निवेशकों के लिए अनिश्चितता बढ़ गई है।
बड़े पैमाने पर पुनर्गठन (Restructuring)
US Defense Secretary Pete Hegseth ने पेंटागन में जनरल और एडमिरल स्तर के पदों में भारी कटौती का प्लान कंफर्म किया है। पहले 10% की कटौती की बात कही गई थी, जिसे अब दोगुना करके 20% कर दिया गया है। इस फैसले के दायरे में लगभग 800 हाई-रैंकिंग अधिकारी आएंगे, जिसका सीधा उद्देश्य डिफेंस डिपार्टमेंट की संगठनात्मक संरचना को बदलना है।
डिफेंस प्रोक्योरमेंट पर असर
इन्वेस्टर्स के लिए यह खबर काफी अहम है, क्योंकि टॉप मिलिट्री ऑफिसर्स ही लंबे समय तक चलने वाले प्रोक्योरमेंट प्रोजेक्ट्स और इक्विपमेंट एक्विजिशन के मुख्य सूत्रधार होते हैं। इन पदों के हटने से फैसले लेने में देरी हो सकती है, जिससे डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स और मिलिट्री प्रोजेक्ट्स की गति धीमी पड़ सकती है। जटिल डिफेंस प्रोग्राम्स को मैनेज करने वाले बड़े कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए यह एक चुनौती बन सकता है।
राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस और कैपिटल हिल के बीच टकराव चल रहा है। रिपब्लिकन प्रतिनिधि Thomas Massie ने Hegseth के खिलाफ महाभियोग (Impeachment) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा, सीनेटर Jack Reed ने भी चेतावनी दी है कि सीनियर ऑफिसर्स की इतनी बड़ी कटौती से ग्लोबल ऑपरेशंस के दौरान कमान की स्थिरता पर बुरा असर पड़ेगा। इस राजनीतिक खींचतान के चलते डिफेंस स्पेंडिंग और फंडिंग को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को अब इस फैसले के क्रियान्वयन पर बारीक नजर रखनी होगी। इसमें प्रोक्योरमेंट टाइमलाइन में आने वाले बदलाव और कॉन्ट्रैक्ट्स की निगरानी में आ रही मुश्किलों पर ध्यान देना जरूरी है। साथ ही, महाभियोग और विधायी चुनौतियों के घटनाक्रम पर नजर रखना डिफेंस सेक्टर के लॉन्ग-टर्म स्थिरता का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
