US Pentagon: ईरान तनाव के बीच बड़ा बदलाव, टॉप मिलिट्री प्लानर को हटाया गया

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
US Pentagon: ईरान तनाव के बीच बड़ा बदलाव, टॉप मिलिट्री प्लानर को हटाया गया

US Defence Secretary Pete Hegseth ने पेंटागन के लीड मिलिट्री प्लानर Lt. Gen. Brett Sylvia को पद से हटा दिया है। **2027** तक सीनियर ऑफिसर्स की संख्या **20%** कम करने के लक्ष्य के तहत यह फैसला लिया गया है। ईरान को लेकर संभावित सैन्य कार्रवाई की चर्चाओं के बीच, इस बदलाव ने ग्लोबल मार्केट और क्रूड ऑयल की कीमतों को लेकर निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

US Defence Secretary Pete Hegseth ने आर्मी लेफ्टिनेंट जनरल Brett Sylvia को बर्खास्त कर दिया है, जो पेंटागन के प्रमुख मिलिट्री प्लानर थे। 'J5' डायरेक्टर के तौर पर वे व्हाइट हाउस और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के बीच सैन्य रणनीति कोआर्डिनेट करने की अहम जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अभी तक इस बर्खास्तगी की कोई ठोस वजह नहीं बताई गई है और न ही किसी नए नाम का ऐलान किया गया है।

बड़े बदलाव का हिस्सा

यह कदम Hegseth के नेतृत्व में हो रहे बड़े प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है। उनके कार्यभार संभालने के बाद से लगभग दो दर्जन सीनियर ऑफिसर्स और एडमिरल अपनी भूमिका छोड़ चुके हैं। सेक्रेटरी का कहना है कि यह जवाबदेही तय करने और जनवरी 2027 तक उच्च अधिकारियों की संख्या में 20% की कटौती करने के लिए जरूरी है। हालांकि, कुछ आलोचकों का मानना है कि इतनी तेजी से नेतृत्व में बदलाव मिलिट्री की रणनीतिक निरंतरता पर बुरा असर डाल सकता है।

निवेशकों के लिए क्यों है जरूरी?

मौजूदा समय में ईरान के साथ बढ़ते तनाव और प्रेसिडेंट Trump के संभावित सैन्य स्ट्राइक के बयानों को देखते हुए यह बदलाव महत्वपूर्ण है। चूंकि 'J5' डायरेक्टर ही सैन्य अभियानों की योजना बनाने के लिए जिम्मेदार होता है, इसलिए टॉप प्लानर का हटना पेंटागन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रहा है।

ग्लोबल मार्केट पर इसका सीधा असर पड़ सकता है क्योंकि मिडिल ईस्ट में तनाव सीधे तौर पर क्रूड ऑयल की कीमतों को प्रभावित करता है। भारतीय निवेशकों के लिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें चिंता का विषय हैं, क्योंकि यह भारत के इंपोर्ट बिल, फिस्कल डेफिसिट और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के प्रॉफिट पर असर डालती हैं। निवेशकों को अब वाशिंगटन की ओर से ईरान नीति पर आने वाले बयानों और ग्लोबल मार्केट में आने वाले उतार-चढ़ाव पर बारीक नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.