US-India Ties: Rubio की भारत यात्रा से पहले अमेरिकी सांसदों का दबाव, क्या Defence Deal पर दिखेगा असर?

INTERNATIONAL-NEWS
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
US-India Ties: Rubio की भारत यात्रा से पहले अमेरिकी सांसदों का दबाव, क्या Defence Deal पर दिखेगा असर?

अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने सेक्रेटरी ऑफ स्टेट Marco Rubio से भारत दौरे के दौरान मानवाधिकार और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मुद्दों को उठाने की मांग की है। यह घटनाक्रम डिप्लोमैटिक फ्रिक्शन पैदा कर रहा है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है क्योंकि इसका असर लॉन्ग-टर्म ट्रेड और डिफेंस सहयोग पर पड़ सकता है।

कूटनीतिक हलचल और निवेशकों की चिंता

छह अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसदों ने सेक्रेटरी ऑफ स्टेट Marco Rubio को एक पत्र लिखकर भारत दौरे के दौरान स्टूडेंट प्रोटेस्ट और पुलिस एक्शन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा करने का आग्रह किया है। यह मामला केवल कूटनीतिक नहीं है, बल्कि मार्केट के लिहाज से भी अहम है। निवेशकों के लिए भारत और अमेरिका के बीच के द्विपक्षीय संबंध एक 'की-फोकस' एरिया हैं, खासकर डिफेंस, टेक्नोलॉजी, और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टरों में।

डिफेंस सेक्टर पर क्या हो सकता है असर?

सांसदों ने मांग की है कि डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट यह मूल्यांकन करे कि क्या इन कथित गतिविधियों के चलते भारत की स्थिति की समीक्षा Arms Export Control Act के तहत की जानी चाहिए। यह कानून दोनों देशों के बीच डिफेंस सेल्स और सहयोग को नियंत्रित करता है। अगर कूटनीतिक तनाव बढ़ता है, तो इसका असर उन सेक्टर्स पर पड़ सकता है जो क्रॉस-बॉर्डर सहयोग पर निर्भर हैं।

आगे क्या होगा?

अब सबकी नजरें Marco Rubio और विदेश मंत्री S. Jaishankar के बीच मुंबई में होने वाली आधिकारिक बैठकों पर टिकी हैं। मार्केट पार्टिसिपेंट्स जॉइंट स्टेटमेंट्स का इंतजार कर रहे हैं, ताकि यह पता चल सके कि इन विवादों का असर ट्रेड और स्ट्रैटेजिक प्रायोरिटीज पर पड़ रहा है या नहीं। भारतीय अधिकारियों ने अतीत में भी ऐसी टिप्पणियों को आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करार दिया है, इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस नई चुनौती को कैसे हैंडल करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.