US-Iran War: युद्ध का खर्च **$38 बिलियन** के पार, महंगाई को लेकर जारी हुई चेतावनी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
US-Iran War: युद्ध का खर्च **$38 बिलियन** के पार, महंगाई को लेकर जारी हुई चेतावनी

US Congressional Budget Office (CBO) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष पर अब तक **$38 बिलियन** का खर्च आ चुका है। हर महीने **$2 से $3 बिलियन** का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, जो 2027 की शुरुआत तक महंगाई को हवा दे सकता है।

भारी भरकम खर्च और सप्लाई चेन का संकट

अमेरिकी रक्षा विभाग पर बढ़ रहे इस वित्तीय दबाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अगस्त 2026 तक कुल खर्च $38 बिलियन को पार कर चुका है। इसमें से करीब $21.7 बिलियन की बड़ी राशि केवल खत्म हो चुके मिलिट्री उपकरणों और मिसाइलों को दोबारा जुटाने में खर्च हुई है। CBO की रिपोर्ट में एक और बड़ी चिंता जताई गई है: जून 2025 से अब तक एयर-डिफेंस इंटरसेप्टर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन कॉम्प्लेक्स सिस्टम्स के इन्वेंट्री को पुरानी स्थिति में वापस लाने में कम से कम 5 साल का समय लग सकता है, जो भविष्य में अमेरिका की मिलिट्री तत्परता पर असर डाल सकता है।

निवेशकों के लिए महंगाई की चुनौती

बाजार के नजरिए से देखें, तो CBO की महंगाई को लेकर दी गई चेतावनी सबसे अहम है। एजेंसी का अनुमान है कि इस संघर्ष के कारण साल 2027 की पहली तिमाही तक अमेरिका में इन्फ्लेशन 0.5% अधिक रह सकता है। इसकी मुख्य वजह हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते होने वाली एनर्जी सप्लाई में अस्थिरता का जोखिम है। कच्चे तेल और नेचुरल गैस की कीमतों में हलचल सीधे ग्लोबल सेंट्रल बैंक की पॉलिसीज और मार्केट सेंटिमेंट को प्रभावित कर सकती है।

आने वाले महीनों में मिडिल ईस्ट में शिपिंग रूट्स की स्थिति और सरकारी बजट पर पड़ रहा दबाव ग्लोबल मार्केट के लिए सबसे बड़ा 'ट्रिगर' बना रहेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.