ईरान-अमेरिका जंग का भारी बिल: अब तक **$37.5 अरब** खर्च, बजट पर गरमागरम बहस

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AuthorNeha Patil|Published at:
ईरान-अमेरिका जंग का भारी बिल: अब तक **$37.5 अरब** खर्च, बजट पर गरमागरम बहस

ईरान के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष की लागत **$37.5 अरब** तक पहुंच गई है, जबकि अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ **$95 अरब** के नए सैन्य बजट को मंजूरी दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। इस प्रस्ताव पर सीनेट में तीखी बहस जारी है, जिसमें युद्ध के मानवीय नुकसान और लंबी लड़ाई के जोखिमों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

Detailed Coverage

सैन्य खर्च का बड़ा बोझ

रक्षा सचिव पीट हेगसेथ मंगलवार को सीनेट एप्रोप्रिएशन कमेटी के सामने $95 अरब के प्रस्तावित बजट पैकेज का बचाव करते नजर आए। यह सुनवाई ऐसे समय में हुई जब पेंटागन ने खुलासा किया कि ईरान में चल रहे सैन्य अभियानों पर अब तक $37.5 अरब खर्च हो चुके हैं, जो शुरुआती अनुमानों से कहीं ज्यादा है। सचिव हेगसेथ ने जोर देकर कहा कि यह धनराशि सेना में महत्वपूर्ण संसाधनों की कमी को पूरा करने के लिए बेहद जरूरी है।

मानवीय त्रासदी और चिंताएं

कमेटी की बैठक में संघर्ष के मानवीय पहलू पर भी खास ध्यान दिया गया। पेंटागन ने हाल ही में पुष्टि की है कि जुलाई की शुरुआत से इस क्षेत्र में 17 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है, और 100 से अधिक घायल हुए हैं। गवाही के दौरान, सांसदों ने वर्तमान सैन्य रणनीति की स्थिरता और मिशन के वित्तीय भविष्य पर सवाल उठाए।

बजट में अन्य मदें भी शामिल

यह $95 अरब की मांग राष्ट्रपति ट्रंप के प्रस्तावित $1.5 ट्रिलियन के रक्षा बजट का हिस्सा है, जिसे प्रशासन एक 'दीर्घकालिक रणनीतिक निवेश' बता रहा है। सीधे सैन्य खर्च के अलावा, विचाराधीन विधायी पैकेज में कृषि सहायता के लिए $10 अरब और मतदाता कानून सुधारों के लिए $10 अरब भी शामिल हैं।

सीनेटरों की चिंता और विपक्ष

सीनेटर पैटी मरे इस फंडिंग पैकेज के विरोध में खड़ी नजर आईं। उन्होंने चिंता जताई कि यह संघर्ष एक लंबी लड़ाई का रूप ले सकता है। समिति के सदस्यों ने प्रशासन से अतिरिक्त संसाधनों की मांग पर सवाल उठाए, और हालिया बयानों तथा $70 अरब की अतिरिक्त पूरक फंडिंग की वर्तमान मांग के बीच एक बड़े अंतर की ओर इशारा किया। गवाही में ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन और कृषि सचिव ब्रुक रॉलिन्स ने भी वर्तमान प्रशासन की प्राथमिकताओं के लिए आवश्यक संसाधनों पर अपनी बात रखी।

निवेशकों की नजरें

बाजार पर्यवेक्षकों और निवेशकों के लिए मुख्य मुद्दा इस बजट पैकेज की अंतिम मंजूरी प्रक्रिया होगी। फंडिंग में किसी भी तरह की देरी या कटौती से रक्षा-संबंधी पूंजी परियोजनाओं और प्रमुख ठेकेदारों के लिए दीर्घकालिक खरीद समय-सीमा प्रभावित हो सकती है। कांग्रेस के आगामी अवकाश से पहले, कृषि और अन्य गैर-सैन्य क्षेत्रों के लिए विशिष्ट आवंटन सहित, इस बजट की विधायी प्रगति पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.