अमेरिका ने कनाडा से आयात होने वाली करीब **$1 अरब** की वस्तुओं पर बैन लगा दिया है। इसमें शराब, डेयरी और मोटरसाइकिल शामिल हैं। इस तनाव के बीच कनाडा अब भारत और यूरोप की ओर रुख कर रहा है।
ट्रेड वॉर का नया अध्याय
अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। वाशिंगटन ने कनाडा से आने वाले $1 अरब मूल्य के सामान पर प्रतिबंध लगाने का कड़ा फैसला लिया है। इन प्रतिबंधित वस्तुओं में 87% हिस्सेदारी अकेले शराब की है, इसके अलावा डेयरी उत्पाद और मोटरसाइकिल पर भी गाज गिरी है। यह कदम दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी व्यापारिक विवाद का परिणाम है।
कंपनियों पर क्या होगा असर?
भले ही कुल $880 अरब के सालाना व्यापार की तुलना में यह आंकड़ा छोटा लग रहा हो, लेकिन इससे आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में अनिश्चितता पैदा हो गई है। खास तौर पर Quebec स्थित Bombardier Recreational Products जैसी कंपनियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है। हालांकि कंपनी ने कहा है कि उनका मौजूदा प्रोडक्शन साइकिल पूरा हो चुका है, लेकिन भविष्य में एक्सपोर्ट को लेकर चिंताएं बरकरार हैं।
भारत के लिए मौका?
इस तनाव के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने संकेत दिए हैं कि वे अब अमेरिका पर निर्भरता कम करना चाहते हैं। कनाडा अब भारत और यूरोप के साथ व्यापारिक संबंधों को गहरा करने की योजना बना रहा है। निवेशकों के लिए यह एक बड़ा संकेत है कि आने वाले दिनों में भारतीय बाजारों के साथ कनाडा के व्यापारिक समझौते (Trade Agreements) तेज हो सकते हैं।
फिलहाल, दोनों देशों के बीच जारी इस गतिरोध का कोई ठोस समाधान निकलता नहीं दिख रहा है, जिससे कनाडा के मैन्युफैक्चरर्स और एक्सपोर्टर्स के लिए अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
