गाजा पर अमेरिका का दोहरा रवैया? एक तरफ बैन, दूसरी तरफ मंत्री की आलोचना

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AuthorMehul Desai|Published at:
गाजा पर अमेरिका का दोहरा रवैया? एक तरफ बैन, दूसरी तरफ मंत्री की आलोचना
Overview

अमेरिकी ट्रेजरी ने गाजा के लिए निकली नावों (Flotilla) के आयोजकों को 'आतंकवाद समर्थक' करार देते हुए प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं, अमेरिकी राजदूत ने इजरायली मंत्री बेन-गवि‍र के कार्यकर्ताओं को धमकाने वाले वीडियो की निंदा की है। इस दोहरे रवैये पर विश्लेषक सवाल उठा रहे हैं।

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गाजा सहायता आयोजकों पर अमेरिका का प्रतिबंध

अमेरिकी ट्रेजरी ने ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला (Global Sumud Flotilla) के चार आयोजकों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन पर हमास का समर्थन करने का आरोप है और इन्हें 'आतंकवाद समर्थक' बताया गया है। इन प्रतिबंधों का मकसद गाजा तक सहायता पहुंचाने के प्रयासों को रोकना और नाकाबंदी को तोड़ना है। फ्लोटिला से जुड़े समीदौन नेटवर्क (Samidoun network) ने इन आरोपों से इनकार किया है और इसे नरसंहार में मिलीभगत करार दिया है।

इजरायली मंत्री के कार्यों की अमेरिकी राजदूत ने की आलोचना

एक अलग घटनाक्रम में, इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी (Mike Huckabee) ने इजरायली राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवि‍र (Itamar Ben-Gvir) द्वारा फ्लोटिला के पकड़े गए कार्यकर्ताओं का मजाक उड़ाने वाले वीडियो पोस्ट करने की सार्वजनिक रूप से निंदा की है। अंतरराष्ट्रीय निंदा के बाद यह कड़ी प्रतिक्रिया आई। हकाबी ने कहा, "फ्लोटिला एक मूर्खतापूर्ण स्टंट था, लेकिन बेन-गवि‍र ने अपने देश की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।" इससे पता चलता है कि अमेरिका अपने सहयोगी का समर्थन करते हुए मानवाधिकार संबंधी चिंताओं को भी दूर करने की कोशिश कर रहा है।

विश्लेषकों की नजर में नीति की विसंगतियां

आलोचकों का तर्क है कि ये घटनाएं अमेरिका के दोहरे मापदंड को उजागर करती हैं। जहां अमेरिका ने बेन-गवि‍र के कार्यों की निंदा की, वहीं गाजा पहुंचने की कोशिश करने वाले व्यक्तियों पर प्रतिबंध भी लगा दिया। DAWN एडवोकेसी ग्रुप के माइकल ओमर-मैन (Michael Omer-Man) ने कहा कि यह तरीका नाकाबंदी की वैधता पर इजरायल के तर्क का समर्थन करता है और यह भी बताता है कि अमेरिका सीधे तौर पर इजरायल को चुनौती देने से हिचकिचा रहा है।

बिना शर्त समर्थन पर चिंताएं

आलोचकों का सुझाव है कि इजरायली सरकार द्वारा बेन-गवि‍र की निंदा सतही हो सकती है। रिस्पॉन्सिबल स्टेटक्राफ्ट के लिए क्विंसी इंस्टीट्यूट (Quincy Institute for Responsible Statecraft) की एनेले शेलिन (Annelle Sheline) का मानना है कि इजरायल को अमेरिका की बिना शर्त समर्थन की नीति ने कट्टरपंथी तत्वों को बढ़ावा दिया है, जिससे उन्हें जवाबदेही से छूट का अहसास हो रहा है। अतीत में अमेरिकी कार्रवाइयां, जैसे कि इजरायली बस्तियों पर से प्रतिबंध हटाना, पक्षपाती दृष्टिकोण की चिंताओं को पुष्ट करती हैं। कुछ कानूनविदों ने प्रशासन से बेन-गवि‍र और वित्त मंत्री बेzalel स्मोट्रिच (Bezalel Smotrich) जैसे अधिकारियों पर हिंसा भड़काने और सहायता में बाधा डालने में उनकी भूमिका के लिए प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.