UK ने यूक्रेन को 'स्टोन क्लोक' ड्रोन डिफेंस तकनीक दी: हवा में बढ़ते हमलों का होगा मुकाबला

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
UK ने यूक्रेन को 'स्टोन क्लोक' ड्रोन डिफेंस तकनीक दी: हवा में बढ़ते हमलों का होगा मुकाबला

ब्रिटेन, यूक्रेन को 'स्टोन क्लोक' इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) देगा, ताकि ड्रोन्स से हमलों का मुकाबला किया जा सके। यह कदम रूस के साथ बढ़ते हवाई संघर्ष के बीच यूक्रेन को लगातार अंतरराष्ट्रीय समर्थन दिखाता है।

Detailed Coverage

ड्रोन हमलों से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की और ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम सोमवार को इंग्लैंड में मिले। इस मुलाकात में रक्षा सहयोग पर चर्चा हुई। यह प्रधानमंत्री बर्नहैम के नए प्रशासन के तहत किसी विदेशी नेता का पहला यूके दौरा था, जो सैन्य सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

ब्रिटिश सरकार ने घोषणा की है कि वह यूक्रेन को अपने 'स्टोन क्लोक' इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) ट्रांसफर करेगी। यह सिस्टम खास तौर पर मानव रहित हवाई वाहनों (UAVs) को जाम करने और बेअसर करने के लिए बनाया गया है, जो मौजूदा संघर्ष में एक अहम हथियार बन गए हैं। सिर्फ तैयार यूनिट्स देने के बजाय, इस तकनीक को देकर यूके का लक्ष्य है कि यूक्रेन अपनी सुरक्षा क्षमताएं खुद विकसित कर सके।

हवाई युद्ध में बढ़ती गर्मी

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब दोनों तरफ से ड्रोन गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। यूक्रेन रूस के सप्लाई लाइन्स को बाधित करने के लिए लंबी दूरी के ड्रोन्स का इस्तेमाल करके रूसी ऊर्जा और सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। पिछली रात, यूक्रेनी वायु रक्षा बलों ने 147 में से 123 रूसी ड्रोन्स को मार गिराने की सूचना दी। वहीं, रूसी रक्षा मंत्रालय ने 276 यूक्रेनी ड्रोन्स को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट करने का दावा किया है। इन हमलों से आवासीय और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान हुआ है, और कई क्षेत्रों में हताहतों की भी खबरें हैं, जिनमें ज़ापोरिज्झिया, डेनिप्रोपेट्रोव्स्क, रोस्तोव-ऑन-डॉन और बेलगॉरॉड शामिल हैं।

रणनीतिक प्रभाव और अगले कदम

अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों और रक्षा विश्लेषकों के लिए, मुख्य सवाल यह है कि क्या ये तकनीकी हस्तांतरण जमीन पर रक्षा परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से बदल सकते हैं। फील्ड कंडीशंस में 'स्टोन क्लोक' सिस्टम की प्रभावशीलता एक महत्वपूर्ण मॉनिटर करने वाला पहलू होगा, क्योंकि दोनों राष्ट्र इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर क्षमताओं में भारी निवेश करना जारी रखे हुए हैं। ग्लोबल डिफेंस सेक्टर को ट्रैक करने वाले निवेशक देख सकते हैं कि ऐसे सहयोग भविष्य के सैन्य उत्पादन बजट और पश्चिमी सहयोगियों के बीच उन्नत काउंटर-ड्रोन तकनीकों की मांग को कैसे प्रभावित करते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.