यूके सरकार ने विदेशी केयर वर्कर्स के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। मई **2025** से पहले पहुंचे और कम से कम **£25,000** सालाना कमाने वाले वर्कर्स के लिए **5** साल में परमानेंट रेजिडेंसी का रास्ता बरकरार रहेगा।
ब्रिटिश सरकार ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि यूके में मौजूद योग्य विदेशी केयर वर्कर्स को 'इंडेफिनेट लीव टू रिमेन' (ILR) के लिए 5 साल के पाथवे का लाभ मिलता रहेगा। यह फैसला 2 नवंबर 2026 को होम सेक्रेटरी शबाना महमूद द्वारा लिया गया, जिसने पिछली उन योजनाओं को पलट दिया है जिनमें रेजिडेंसी का समय बढ़ाकर 15 साल करने का प्रस्ताव था।
पात्रता और नया 'अर्न सेटलमेंट' मॉडल
परमानेंट सेटलमेंट पाने के लिए केयर वर्कर्स को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। इसमें कम से कम £25,000 की सालाना सैलरी और मई 2025 से पहले यूके पहुंचने जैसी शर्तें शामिल हैं। सरकार ने इसे 'अर्न सेटलमेंट' मॉडल का नाम दिया है, जहां रेजिडेंसी को सैलरी थ्रेशोल्ड, टैक्स कंप्लायंस और नेशनल इंश्योरेंस कंट्रीब्यूशन से जोड़ा गया है।
गौरतलब है कि विदेशी केयर वर्कर वीजा रूट को 22 जुलाई 2025 को नए आवेदकों के लिए बंद कर दिया गया था। यह नीति केवल मौजूदा वर्कफोर्स पर लागू है, जिसमें भारतीय नागरिकों की संख्या सबसे ज्यादा है। दिसंबर 2025 तक इस सेक्टर में 1,00,000 से ज्यादा वीजा एक्सटेंशन दिए गए थे।
सेक्टर के सामने चुनौतियां और रिस्क
यह नीति मौजूदा कर्मचारियों के लिए स्पष्टता तो लाई है, लेकिन केयर सेक्टर अभी भी भारी दबाव में है। साल 2026 में 'स्पॉन्सर लाइसेंस रिवोकेशन' (लाइसेंस रद्द होना) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से कंपनियों पर सख्त रेगुलेटरी दबाव बना है। इसके अलावा, लोकल अथॉरिटी की फंडिंग और बढ़ते वेतन खर्च के बीच बैलेंस बनाना केयर प्रोवाइडर्स के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। जो कर्मचारी इन मानकों को पूरा नहीं करेंगे, उन्हें नए मेरिट-बेस्ड इमिग्रेशन मॉडल के तहत सेटलमेंट के लिए 10 से 20 साल तक का इंतजार करना पड़ सकता है।
