टेक दिग्गज Tesla और Samsung ने वियतनाम से होने वाले आयात पर प्रस्तावित टैरिफ को रोकने के लिए US सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। **29 नवंबर, 2026** की डेडलाइन से पहले इन कंपनियों को अपने ग्लोबल सप्लाई चेन में बड़े व्यवधान का डर सता रहा है।
अमेरिकी व्यापार नियामक (US trade regulator) के लिए 29 नवंबर, 2026 की तारीख बेहद अहम है, क्योंकि इस दिन वियतनाम को लेकर चल रही ट्रेड जांच का फैसला आना है। Tesla और Samsung, जो वियतनाम में सबसे बड़े निवेशकों में से हैं, ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (US Trade Representative) से इन प्रस्तावित नए टैरिफ को खारिज करने की अपील की है। कंपनियों का तर्क है कि वियतनाम उनका मुख्य मैन्युफैक्चरिंग हब है और किसी भी अतिरिक्त ड्यूटी से स्मार्टफोन, नेटवर्क उपकरण और व्हीकल पार्ट्स की सप्लाई बाधित हो सकती है।
क्यों शुरू हुई यह जांच?
यह लॉबिंग 29 मई, 2026 को शुरू हुई 'सेक्शन 301' जांच का हिस्सा है। अप्रैल में जारी '2026 स्पेशल 301 रिपोर्ट' में वियतनाम को 'प्रायोरिटी फॉरेन कंट्री' का दर्जा दिया गया था, जो पिछले 13 साल में पहली बार हुआ है। इसका मुख्य कारण इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) के संरक्षण को लेकर अमेरिका की चिंताएं हैं।
क्या है अमेरिकी कंपनियों का तर्क?
दूसरी ओर, अमेरिका के स्टील, वुड, सोलर और सीफूड सेक्टर की कंपनियां कड़े ट्रेड एक्शन की वकालत कर रही हैं। इनका कहना है कि वियतनामी कंपनियां अनुचित तरीके से प्रतिस्पर्धी लाभ उठा रही हैं, जिससे अमेरिकी बाजार में अनफेयर कॉम्पीटिशन बढ़ रहा है।
आंकड़ों में वियतनाम का दबदबा
ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग में बदलाव के चलते वियतनाम से अमेरिका को होने वाला निर्यात साल 2026 के पहले 8 महीनों में 42% बढ़ गया है। निवेशकों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि अगर टैरिफ लागू होते हैं, तो कंपनियों के मार्जिन पर सीधा दबाव पड़ेगा और सप्लाई चेन में भारी अस्थिरता देखने को मिल सकती है।
