Temasek India: निवेश घटा ₹3.5 लाख करोड़, फिर भी भारत पर बुलिश!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Temasek India: निवेश घटा ₹3.5 लाख करोड़, फिर भी भारत पर बुलिश!

सिंगापुर की निवेश कंपनी Temasek Holdings ने वित्त वर्ष 2026 में भारत में अपने निवेश को **$42 बिलियन** तक कम कर दिया है, जो पिछले साल **$50 बिलियन** था। इस कमी का मुख्य कारण Schneider Electric से **$6.4 बिलियन** की बड़ी एग्जिट रही।

Detailed Coverage

Schneider Electric से $6.4 बिलियन की एग्जिट का असर

Temasek ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में बताया कि वित्त वर्ष 2026 (मार्च 2026 में समाप्त) के दौरान भारत में उनका कुल निवेश $42 बिलियन रहा, जो पिछले साल $50 बिलियन था। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह गिरावट किसी बड़े बाजार से हटने की वजह से नहीं, बल्कि एक खास डील के कारण हुई है। अगस्त 2025 में Schneider Electric से $6.4 बिलियन का विनिवेश (Divestment) इस कमी का मुख्य कारण था।

Temasek के अनुसार, करेंसी के उतार-चढ़ाव का उनके भारतीय निवेशों के कुल मूल्य पर मामूली असर पड़ा। कुल निवेश कम होने के बावजूद, कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि भारत उनकी ग्लोबल निवेश रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहेगा। वित्त वर्ष 2026 के अंत तक, भारत Temasek के SGD 518 बिलियन के ग्लोबल पोर्टफोलियो का 7% हिस्सा था।

भारत पर 'ओवरवेट' क्यों?

Temasek का भारत के प्रति 'ओवरवेट' (Overweight) यानी अधिक निवेश का रुख जारी है। इसका मतलब है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत के हिस्सेदारी के अनुपात में, कंपनी भारत में ज्यादा निवेश कर रही है। कंपनी के मैनेजमेंट ने भारत के मजबूत डेमोग्राफिक्स (जनसांख्यिकी) और स्थिर पॉलिसी माहौल को इस सकारात्मक नजरिए की वजह बताया है।

FY26 के दौरान, Temasek ने भारतीय पब्लिक मार्केट में नेट बायर (Net Buyer) बनकर विदेशी पूंजी के बहिर्वाह (Outflows) के बीच एक विपरीत (Contrarian) रुख अपनाया। हालांकि, उनकी अधिकांश गतिविधि मौजूदा कंपनियों के लिए फॉलो-ऑन फंडिंग से जुड़ी रही।

नए सेक्टर्स में फोकस

आगे चलकर, Temasek का ध्यान नए सेक्टर्स की ओर बढ़ रहा है। कंपनी का कंज्यूमर, हेल्थकेयर और फाइनेंशियल सर्विसेज में पुराना अनुभव रहा है, लेकिन अब वे इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल सेक्टर्स में अवसरों की तलाश कर रहे हैं। इसके अलावा, Temasek 2019 से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी ध्यान दे रही है। अधिकारियों का मानना ​​है कि भारत में AI टेक्नोलॉजी के उपयोग में महत्वपूर्ण वृद्धि देखने को मिलेगी, हालांकि उन्होंने डेटा सेंटर या संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी।

निवेशक भविष्य में कंपनी के पोर्टफोलियो खुलासों पर नजर रख सकते हैं कि इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल सेक्टर में उनकी महत्वाकांक्षाएं नई डील्स में कैसे बदलती हैं। अगला महत्वपूर्ण अपडेट यह होगा कि क्या कंपनी पब्लिक मार्केट में अपना विपरीत दृष्टिकोण जारी रखती है या दीर्घकालिक विकास रणनीति के हिस्से के रूप में प्राइवेट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की ओर रुख करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.