अमेरिकी टैरिफ से स्टील एक्सपोर्ट को मिली राहत
Tata Steel UK ने अमेरिकी टैरिफ से बड़ी राहत पाई है। उनके पोर्ट टैलबोट प्लांट में तैयार किए गए स्टील को अब यूके-ओरिजिन (UK-Origin) का दर्जा दिया गया है। इस बड़ी छूट के बाद, इस स्टील पर 25% का कस्टम ड्यूटी (Custom Duty) लगेगा। यह दर उन स्टील्स से काफी कम है जिन पर 50% तक का भारी शुल्क लगता है, क्योंकि वे सख्त 'मेल्ट-एंड-पोर' (melt-and-pour) ओरिजिन मानकों को पूरा नहीं करते। यह राहत Tata Steel UK के लिए अहम है क्योंकि प्लांट में बड़े बदलाव की प्रक्रिया चल रही है।
पोर्ट टैलबोट के आधुनिकीकरण को मिला सहारा
यह टैरिफ छूट पोर्ट टैलबोट के चल रहे ट्रांजिशन (Transition) के लिए महत्वपूर्ण सहारा है। कंपनी ने 2024 में अपने ब्लास्ट फर्नेस (Blast Furnaces) बंद कर दिए थे, जिससे प्लांट में प्राइमरी स्टील प्रोडक्शन का काम यहीं खत्म हो गया। इस वजह से, प्लांट फिलहाल इंपोर्टेड स्टील मटेरियल पर निर्भर है, जिसका कुछ हिस्सा Tata के अन्य यूरोपीय प्लांट्स से आता है। बाहरी इनपुट्स पर अस्थायी निर्भरता के बावजूद, अब तैयार स्टील पर घरेलू स्तर पर बने सामानों की तरह ही कम टैरिफ लगेगा, जिससे बदलाव के इस दौर में एक्सपोर्ट मार्केट खुला रहेगा।
इलेक्ट्रिक-आर्क फर्नेस की ओर बढ़ते कदम
कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि यह टैरिफ राहत पोर्ट टैलबोट में उत्पादन के बदलते तरीकों को दर्शाती है। प्लांट अब नई इलेक्ट्रिक-आर्क फर्नेस (Electric-Arc Furnaces) का इस्तेमाल कर रहा है, जो बिजली और रीसाइकल्ड स्क्रैप मेटल (Recycled Scrap Metal) से स्टील बनाती है। इस बदलाव के लिए ट्रेड पॉलिसी (Trade Policy) में लचीलेपन की जरूरत है ताकि एक्सपोर्ट में कॉम्पिटिटिवनेस (Competitiveness) बनी रहे। इस ट्रेड एग्रीमेंट (Trade Agreement) की शुरुआती खबरें डच ब्रॉडकास्टर BNR से आईं और बाद में Politico ने इनकी विस्तृत जानकारी दी। यह छूट यह सुनिश्चित करती है कि Tata Steel UK अपने प्रोसेस्ड स्टील का एक्सपोर्ट जारी रख सके, जबकि वह आधुनिक और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग (Sustainable Manufacturing) प्रक्रियाओं में बदल रहा है। यह कदम ग्लोबल स्टील मार्केट में ओरिजिन रूल्स (Origin Rules) और ट्रेड पॉलिसी के बढ़ते महत्व को उजागर करता है, खासकर उन कंपनियों के लिए जो टेक्नोलॉजी अपग्रेड (Technology Upgrades) में भारी निवेश कर रही हैं। Thyssenkrupp की स्टील डिवीजन जैसी कंपनियाँ, जो इलेक्ट्रिक-आर्क फर्नेस का उपयोग करती हैं, वे भी इसी तरह के ट्रेड एग्रीमेंट की तलाश कर सकती हैं यदि वे अपने प्रोडक्शन फेज के दौरान इंपोर्टेड मटेरियल पर निर्भर हों। पूरा स्टील सेक्टर बदलती डिमांड और ट्रेड डायनामिक्स (Trade Dynamics) का सामना कर रहा है, जिससे टैरिफ छूट ग्लोबल मार्केट एक्सेस (Global Market Access) और प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) के लिए महत्वपूर्ण हो जाती है।
