सीरिया ने हिजबुल्लाह के लिए ले जा रहे हथियार जब्त किए

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AuthorNeha Patil|Published at:
सीरिया ने हिजबुल्लाह के लिए ले जा रहे हथियार जब्त किए

सीरियाई अधिकारियों ने गुरुवार को इराकी सीमा के पास एक ट्रक से उन्नत रॉकेटों की खेप जब्त की है। सरकारी मीडिया के अनुसार, अधिकारियों का आरोप है कि ये हथियार लेबनान स्थित हिजबुल्लाह समूह के लिए थे, हालांकि समूह ने इन दावों का खंडन किया है। यह कार्रवाई सीरिया के नए प्रशासन द्वारा उन सीमाओं पर नियंत्रण कसने के प्रयासों के बीच आई है जिनका इस्तेमाल पहले हथियारों की तस्करी के लिए होता था।

सीरियाई अधिकारियों ने गुरुवार को घोषणा की कि उन्होंने उन्नत हथियार और रॉकेट ले जा रहे एक परिवहन वाहन को सफलतापूर्वक जब्त कर लिया है। यह जब्त की गई खेप सीरिया की इराकी सीमा के पास हुई, जो जटिल आपूर्ति मार्गों के लिए जानी जाती है। सीरिया के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, यह खेप कथित तौर पर लेबनान स्थित ईरान समर्थित आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह के लिए थी।

नए प्रशासन के तहत सीमा नियंत्रण

यह घटना सीरिया में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद हुई है, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद 2024 में हट गए थे। वर्तमान नेतृत्व ने सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता दी है, विशेष रूप से उन अवैध तस्करी नेटवर्क को निशाना बनाया है जो ऐतिहासिक रूप से इराक, सीरिया और लेबनान की सीमाओं के पार सामान पहुंचाते रहे हैं। ये मार्ग वर्षों से क्षेत्र में विभिन्न गुटों तक सामान और उपकरणों की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं।

खंडन और क्षेत्रीय जांच

हिजबुल्लाह ने सीरियाई सरकार के आरोपों को आधिकारिक तौर पर खारिज कर दिया है, और इसे निराधार व मनगढ़ंत बताया है। समूह का कहना है कि सीरियाई क्षेत्र के भीतर अब उसकी कोई सक्रिय उपस्थिति नहीं है, भले ही देश के लंबे गृहयुद्ध के दौरान उसने पिछले प्रशासन का समर्थन करने का एक ज्ञात इतिहास रहा हो। इस बीच, इराक के संयुक्त संचालन कमान (Joint Operations Command) ने कहा है कि वह कथित तस्करी के प्रयास की औपचारिक जांच शुरू कर रहा है और हथियारों के स्रोत और इच्छित गंतव्य को स्पष्ट करने के लिए दमिश्क के साथ समन्वय करने के लिए प्रतिबद्ध है।

भू-राजनीतिक संदर्भ और बाहरी दबाव

यह जब्ती ईरान समर्थित मिलिशिया के प्रभाव को लेकर बढ़ते क्षेत्रीय दबाव के बीच हुई है। संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लगातार सीरिया से इन समूहों के खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई की वकालत करते रहे हैं। यह घटना इराकी प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच वाशिंगटन में हुई हालिया राजनयिक चर्चाओं के बाद भी हुई है, जहां इराक-सीरिया सीमा पर सक्रिय मिलिशिया के निरस्त्रीकरण पर चिंता व्यक्त की गई थी। निवेशक और क्षेत्रीय पर्यवेक्षक अब इस बात पर नज़र रखेंगे कि क्या सीरिया अपनी सख्त सीमा प्रवर्तन जारी रखता है और इराक की जांच समिति इस खेप के स्रोत को लेकर उत्पन्न विवाद को कैसे सुलझाती है।

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