दक्षिण कोरियाई शेयर बाजार में शुक्रवार को विदेशी निवेशकों की ओर से रिकॉर्ड **7.2 ट्रिलियन वॉन (लगभग 5 अरब डॉलर)** का भारी निवेश देखने को मिला। इस बड़ी खरीदारी ने जुलाई के अस्थिर महीनों को पलट दिया, जब लीवरेज्ड ईटीएफ (Leveraged ETFs) की बिकवाली के कारण प्रमुख चिप निर्माताओं पर दबाव था।
विदेशी फंडों का बड़ा दांव
शुक्रवार को दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। विदेशी संस्थागत निवेशकों (Foreign Institutional Investors) ने 7.2 ट्रिलियन वॉन (लगभग 5 अरब डॉलर) का रिकॉर्ड निवेश किया, जिसने बाजार का रुख पूरी तरह से बदल दिया। यह भारी निवेश जुलाई के उन उतार-चढ़ावों के बाद आया है, जब लोकल रिटेल निवेशकों (Retail Investors) को लीवरेज्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) की अस्थिरता के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ा था। KOSPI इंडेक्स में अचानक 17.9% की उछाल ने सबका ध्यान खींचा है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि यह उछाल पिछले बिकवाली के दबाव की एक सुधारात्मक प्रतिक्रिया है, न कि मैक्रोइकॉनॉमिक (Macroeconomic) फंडामेंटल्स में कोई बड़ा बदलाव।
लीवरेज्ड ईटीएफ की बिकवाली का असर
जुलाई में बाजार में आई गिरावट का मुख्य कारण लीवरेज्ड ईटीएफ्स (Leveraged ETFs) का अचानक डी-लीवरेजिंग (Deleveraging) था। वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख चिप निर्माताओं से जुड़े ईटीएफ्स की संपत्ति हाल के हफ्तों में 50 अरब डॉलर से घटकर केवल 17 अरब डॉलर रह गई। इस भारी गिरावट के कारण बड़े पैमाने पर पोजीशन लिक्विडेट (Liquidate) करनी पड़ीं, जिसका असर Samsung Electronics और SK Hynix जैसी बड़ी कंपनियों पर सबसे ज्यादा पड़ा। जानकारों का कहना है कि यह गिरावट बाजार की संरचना और उधार ली गई पोजीशन (Borrowed Positions) से जुड़े तकनीकी कारकों के कारण थी, न कि इन टेक्नोलॉजी कंपनियों के बिजनेस परफॉर्मेंस (Business Performance) में किसी कमी के कारण।
रेगुलेटरी एक्शन और बाजार की स्थिरता
इस अस्थिरता को देखते हुए दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने तुरंत चिंता जताई। वित्त मंत्री Koo Yun-cheol ने खुद इस स्थिति पर बात करते हुए कहा कि जटिल लीवरेज्ड प्रोडक्ट्स (Leveraged Products) के तेजी से आने से समस्याएं पैदा हुई हैं और उन्होंने कड़े नियमों का ऐलान किया है। बाजार की इस अस्थिरता को हेज फंड (Hedge Fund) Situational Awareness के पतन से भी बल मिला, जिनकी इक्विटी पोजीशन (Equity Positions) बाद में Citadel ने खरीद लीं। इन घटनाओं से रिटेल पोर्टफोलियो (Retail Portfolio) पर भारी दबाव पड़ा, और अनुमान है कि लीवरेज्ड सेक्टर में 38.7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। इन चुनौतियों के बावजूद, औसत शॉर्ट इंटरेस्ट (Short Interest) में कमी यह संकेत देती है कि बाजार में मंदी की भावना का सबसे तीव्र चरण शायद पीछे छूट गया है।
चिप कंपनियों के लिए निवेशकों का नजरिया
निवेशकों के लिए Samsung Electronics और SK Hynix जैसी कंपनियों की रिकवरी एक महत्वपूर्ण डेवलपमेंट है। दोनों कंपनियों ने हाई-एंड मेमोरी चिप्स (High-end Memory Chips) की मजबूत मांग की रिपोर्ट जारी की है, खासकर डेटा सेंटर ऑपरेटर्स (Data Center Operators) की ओर से, भले ही उनके स्टॉक की कीमतों में भारी गिरावट आई थी। वैश्विक निवेशकों की मौजूदा रुचि बताती है कि वे इन स्टॉक्स को ऐसे वैल्यूएशन (Valuation) पर जमा कर रहे हैं, जिसे अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर (Data Infrastructure) सेक्टरों में उनके दीर्घकालिक विकास की संभावनाओं की तुलना में डिस्काउंटेड (Discounted) माना जा रहा है। जैसे-जैसे बाजार स्थिर हो रहा है, निवेशकों के लिए मुख्य बात यह होगी कि विदेशी निवेश कितना टिकाऊ रहता है और क्या नए नियामक उपाय भविष्य में इसी तरह के तकनीकी लिक्विडिटी शॉक (Technical Liquidity Shock) को सफलतापूर्वक रोक पाएंगे। जबरन लिक्विडेशन (Forced Liquidation) से संस्थागत जमा (Institutional Accumulation) की ओर संक्रमण ही वर्तमान में KOSPI की दिशा को आकार देने वाला प्राथमिक कारक बना हुआ है।
