KOSPI Market Crash: साउथ कोरियाई बाजार में हाहाकार, 7% टूटा इंडेक्स, भारतीय निवेशकों के लिए क्या है खतरा?

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AuthorAditya Rao|Published at:
KOSPI Market Crash: साउथ कोरियाई बाजार में हाहाकार, 7% टूटा इंडेक्स, भारतीय निवेशकों के लिए क्या है खतरा?

साउथ कोरिया के KOSPI इंडेक्स में आज **7%** की बड़ी गिरावट आई है। Samsung और SK Hynix जैसे दिग्गज टेक शेयरों में बिकवाली और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बढ़ते डर ने एशियाई बाजारों को हिलाकर रख दिया है।

साउथ कोरियाई शेयर बाजार में आज जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। KOSPI इंडेक्स में 7% से अधिक की गिरावट के बाद रेगुलेटर्स को 'सर्किट ब्रेकर' (जिसे साइडकार मैकेनिज्म भी कहते हैं) लगाना पड़ा। बाजार में भारी गिरावट को रोकने के लिए 5 मिनट के लिए ट्रेडिंग को रोकना पड़ा। यह इंडेक्स के लिए लगातार सातवां गिरावट वाला दिन रहा, जो हाल के वर्षों के सबसे मुश्किल सत्रों में से एक है।

टेक दिग्गजों में भारी गिरावट

इस गिरावट की सबसे ज्यादा मार टेक्नोलॉजी कंपनियों पर पड़ी है। SK Hynix के शेयरों में 11% की गिरावट दर्ज की गई, वहीं Samsung Electronics का शेयर 9% से अधिक टूटा है। जानकारों का मानना है कि शेयर बायबैक प्रोग्राम खत्म होने से बाजार को सपोर्ट मिलना बंद हो गया, जिससे निवेशकों का सेंटिमेंट खराब हुआ है। अन्य प्रमुख शेयरों की बात करें तो LG Energy Solution में 3.4% और Hyundai Motor में लगभग 4% की गिरावट रही।

ग्लोबल मार्केट की सुस्ती का असर

इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक चिंताएं हैं। अमेरिका में हालिया इन्फ्लेशन डेटा के बाद निवेशकों को डर है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी। इससे टेक स्टॉक्स जैसे महंगे ग्रोथ स्टॉक्स की चमक कम हो गई है। विदेशी निवेशकों ने कोरियन बाजार से 355.6 बिलियन वॉन की निकासी की है।

भारतीय निवेशकों के लिए सबक

जब दक्षिण कोरिया जैसे बड़े एशियाई बाजार में ऐसी भारी बिकवाली होती है, तो इसका असर भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट्स पर भी पड़ता है। ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स रिस्क कम करने के लिए अपने पोर्टफोलियो को रिबैलेंस करते हैं, जिससे भारतीय बाजारों में भी बिकवाली का दबाव बन सकता है। भारतीय टेक सेक्टर ग्लोबल सेंटिमेंट से सीधे तौर पर जुड़ा है, इसलिए आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर भी अस्थिरता (Volatility) देखने को मिल सकती है। हालांकि, बॉन्ड मार्केट में कुछ निवेशक सुरक्षित ठिकानों की ओर रुख कर रहे हैं, जहां 3 साल के कोरियन ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड 3.85% पर आ गई है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.