Saudi Supreme Court: श्रीलंकाई नागरिक की मौत की सजा पलटी, लेकिन अभी भी बरकरार है कानूनी संकट

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Saudi Supreme Court: श्रीलंकाई नागरिक की मौत की सजा पलटी, लेकिन अभी भी बरकरार है कानूनी संकट

सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया पोस्ट मामले में सजा-ए-मौत पाने वाले 24 वर्षीय श्रीलंकाई नागरिक Anojan Sivarasa को बड़ी राहत दी है। हालांकि, सजा में राहत मिलने के बावजूद **5 साल** की जेल और भारी जुर्माने को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्टूबर 2026 को एक अहम फैसला सुनाते हुए Anojan Sivarasa की मौत की सजा को रद्द कर दिया है। यह मामला सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी से जुड़ा था, जिसे स्थानीय कानूनों के तहत इस्लाम का अपमान माना गया था।

राजनयिक प्रयासों का असर

श्रीलंका सरकार की ओर से रियाद भेजे गए एक विशेष कानूनी प्रतिनिधिमंडल के महीनों के प्रयासों के बाद यह फैसला आया है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब Sivarasa ने एक फेसबुक पोस्ट की थी, जिसके बाद अल-अहसा क्षेत्र के अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार किया था। निचली अदालत ने पहले उन्हें 5 साल की जेल और 30 लाख सऊदी रियाल के जुर्माने की सजा सुनाई थी, जिसे 17 सितंबर 2026 को कोर्ट ऑफ अपील ने मौत की सजा में बदल दिया था। अब सर्वोच्च न्यायालय ने इस फैसले को पलट दिया है।

अभी भी बनी हुई है अनिश्चितता

मौत की सजा खत्म होना एक बड़ी जीत जरूर है, लेकिन Sivarasa के लिए मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि मूल 5 साल की सजा और भारी जुर्माने को कोर्ट बरकरार रखेगी या इस पर दोबारा कानूनी समीक्षा की जाएगी।

यह मामला मध्य पूर्व में काम करने वाले विदेशी कामगारों और व्यवसायों के लिए एक कड़ा सबक है, जहां डिजिटल कानूनों का उल्लंघन बहुत भारी पड़ सकता है। खाड़ी देशों में सोशल मीडिया पर की गई किसी भी टिप्पणी के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, इसलिए यहां के सख्त कानूनी ढांचे को समझना बहुत जरूरी है। अब बाजार और संबंधित पक्ष इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि क्या अधिकारियों द्वारा वित्तीय दंड को माफ किया जाएगा या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.