Saudi Arabia ने अपने पब्लिक अर्ली वॉर्निंग सिस्टम को फिर से एक्टिव कर दिया है। Riyadh के King Khalid International Airport पर Houthi मिसाइल और ड्रोन हमलों में कम से कम **18** लोगों की मौत के बाद यह फैसला लिया गया है। इस सुरक्षा विफलता के कारण Air India सहित कई इंटरनेशनल एयरलाइन्स ने **17 अक्टूबर** तक सऊदी शहरों के लिए अपनी उड़ानें रोक दी हैं।
सुरक्षा का नया दौर
12 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब सरकार ने अपनी पब्लिक अर्ली वॉर्निंग सिस्टम को दोबारा चालू किया है। हाल ही में रियाद के King Khalid International Airport पर हुए हमलों में कम से कम 18 लोगों की जान गई है और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
एयरलाइन्स और सप्लाई चेन पर असर
इस तनावपूर्ण माहौल का असर एविएशन सेक्टर पर साफ दिख रहा है। Air India सहित दुनिया की कई बड़ी एयरलाइन्स ने रियाद, जेद्दाह और दम्माम के लिए उड़ानों को 17 अक्टूबर 2026 तक सस्पेंड कर दिया है। इससे न केवल बिजनेस ट्रैवल बल्कि एयर फ्रेट के जरिए होने वाली सप्लाई चेन भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
क्यों बंद थी चेतावनी प्रणाली?
हैरानी की बात यह है कि हमलों से ठीक पहले चेतावनी प्रणाली को बंद कर दिया गया था। अधिकारियों का तर्क था कि रात के समय अलार्म बजने से लोगों में घबराहट बढ़ती है और शिकायतें आती हैं। हालांकि, इन हमलों ने इस फैसले पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद सरकार ने इसे फिर से एक्टिव करने का कदम उठाया है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
क्षेत्र में मौजूद विदेशी निवेशकों के लिए यह स्थिति एक बड़ा रिस्क फैक्टर बनकर उभरी है। बाजार अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए है कि सरकार अपनी आर्थिक नीतियों और सुरक्षा इंतजामों के बीच संतुलन कैसे बनाएगी। अब निवेशकों की नजर 17 अक्टूबर के बाद की स्थिति और सरकार द्वारा ऊर्जा तथा ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जारी किए जाने वाले नए सुरक्षा प्रोटोकॉल पर है।
