यूक्रेन में बीती रात रूस द्वारा किए गए हवाई हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। इन हमलों ने नागरिक बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। कई क्षेत्रों में हुए इन हमलों ने रिहायशी इमारतों और स्कूलों को तबाह कर दिया है, जिससे क्षेत्र में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
यूक्रेन में बरपा कहर: 7 की मौत, सैकड़ों घायल
गुरुवार, 30 जुलाई, 2026 को, यूक्रेन के विभिन्न शहरों में रूस द्वारा की गई मिसाइल हमलों की एक श्रृंखला में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इन हमलों का निशाना शहरी केंद्र बने, जिससे रिहायशी इमारतों, स्कूलों और किंडरगार्टन को भारी नुकसान पहुंचा। यह हाल के संघर्ष में एक और बड़ी वृद्धि का संकेत है।
Dnipropetrovsk और Lviv में भयावह मंजर
Dnipropetrovsk क्षेत्र में सबसे ज्यादा जनहानि हुई, जहां स्थानीय अधिकारियों ने छह लोगों की मौत की पुष्टि की, जिनमें 6, 11 और 17 साल के बच्चे भी शामिल थे। क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन की आधिकारिक रिपोर्टों से पता चलता है कि हमलों ने नागरिक बुनियादी ढांचे को गंभीर रूप से नष्ट कर दिया। इसी बीच, शहर Lviv को तड़के लगभग 4:45 बजे एक भारी मिसाइल हमले का सामना करना पड़ा, जिसमें 30 लोग घायल हो गए। क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, इस हमले से दो प्रमुख रिहायशी इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और 20 से अधिक अन्य संरचनाएं, जिनमें शैक्षणिक संस्थान भी शामिल हैं, प्रभावित हुईं। हमले के तुरंत बाद आपातकालीन प्रतिक्रिया और बचाव अभियान शुरू किए गए।
Kyiv में भी दहशत
राष्ट्रीय पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, Kyiv में भी बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो घायल हो गए। इन हमलों ने स्थानीय बाजार और आसपास के रिहायशी इलाकों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे राजधानी में आम लोगों का जीवन और अस्त-व्यस्त हो गया। Kyiv क्षेत्र के पड़ोसी Brovary जिले में, हमलों के दौरान पांच अन्य लोग, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल था, घायल हो गए।
यह घटनाएं यूक्रेन के शहरी क्षेत्रों पर रूसी हवाई हमलों की बढ़ती आवृत्ति के पैटर्न का हिस्सा हैं, जो गर्मियों के महीनों के दौरान और भी तेज हो गई हैं। नागरिक स्थलों का विनाश और इसके परिणामस्वरूप होने वाली मानवीय क्षति क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय निगरानी प्रयासों का मुख्य केंद्र बनी हुई है। निवेशक और वैश्विक पर्यवेक्षक इन विकासों पर नजर रख रहे हैं कि उनका क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय नीति प्रतिक्रियाओं पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।
