अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने गुरुवार को लिस्बन का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच Lajes Field एयर बेस का इस्तेमाल सुनिश्चित करना और NATO देशों को अपने डिफेंस खर्च को बढ़ाकर GDP का **3%** तक ले जाने के लिए प्रेरित करना है।
कूटनीतिक और रणनीतिक अहमियत\n\nअमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio का लिस्बन दौरा 8 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुआ। यह यात्रा NATO की सुरक्षा साझेदारी को मजबूत करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रही। चर्चा का केंद्र अजोरेस (Azores) में स्थित Lajes Field एयर बेस है, जो अमेरिकी सैन्य अभियानों और रसद (logistics) के लिए एक प्रमुख केंद्र है, खासकर ईरान के साथ चल रहे मौजूदा तनाव के दौरान।\n\n### कानूनी चुनौतियां और चुनौतियां\n\nजहां स्पेन जैसे पड़ोसी देशों ने अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाए हैं, वहीं पुर्तगाल ने बेस के इस्तेमाल के लिए सशर्त मंजूरी दी है। हालांकि, यह राह आसान नहीं है। पुर्तगाल की Left Bloc पार्टी ने बेस की वैधता को लेकर कानूनी चुनौती दी है, जिसकी जांच फिलहाल अटॉर्नी जनरल के कार्यालय द्वारा की जा रही है। यह स्थिति बेस की लंबी अवधि की स्थिरता पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है।\n\n### रक्षा क्षेत्र (Defense Sector) पर असर\n\nनिवेशकों के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि यूरोप अब अपनी रक्षा नीति में बड़ा बदलाव कर रहा है। NATO सदस्य देश अपने डिफेंस खर्च को बढ़ाकर GDP के करीब 3% तक ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बदलाव से वैश्विक स्तर पर एयरोस्पेस, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और सैन्य बुनियादी ढांचे (military infrastructure) की मांग में तेजी आने की संभावना है।\n\nबाजार के जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे देश अपनी संपत्ति का आधुनिकीकरण करेंगे, रक्षा बजट का टिकाऊपन और सरकार की प्रतिबद्धता इस पूरे सेक्टर के लिए सबसे महत्वपूर्ण 'मॉनिटर करने योग्य' कारक होगी।