ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों ने सऊदी तेल टैंकर को निशाना बनाया है, जिससे लाल सागर (Red Sea) में जहाजों के रूट बदलने पड़े हैं। इससे पहले सऊदी के पेट्रोलियम ठिकानों के पास ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए थे, जिसने वैश्विक तेल सप्लाई चेन और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (Bab el-Mandeb strait) में शिपिंग रूट्स पर संभावित खतरों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव
मध्य पूर्व में सऊदी अरब के इंफ्रास्ट्रक्चर और समुद्री ऑपरेशन्स को निशाना बनाने वाली घटनाओं की खबरों के बाद तनाव काफी बढ़ गया है। मंगलवार को, सऊदी वायु रक्षा बलों ने इराकी क्षेत्र से लॉन्च किए गए कई ड्रोन को इंटरसेप्ट किया, जो देश के पूर्वी क्षेत्र में पेट्रोलियम सुविधाओं को निशाना बनाने के इरादे से भेजे गए थे। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि यह लगातार दूसरे दिन ऐसी गतिविधि हुई है।
हमलों की अनिश्चितता
सऊदी अधिकारी इन हमलों के लिए ईरान से जुड़े समूहों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। हालांकि, इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है, जिससे ड्रोन के स्रोत को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं, क्योंकि इराकी सेना सीमा पर नियंत्रण बनाए रखने और ऐसी घटनाओं को रोकने के दबाव में है।
हौथी विद्रोहियों का दावा
इसी बीच, यमन के हौथी विद्रोहियों ने सऊदी तेल टैंकर 'NCC Ghazal' पर हमला करने का दावा किया है। रिपोर्टों के अनुसार, घटना के बाद जहाज को अपना रास्ता बदलना पड़ा। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने दक्षिणी लाल सागर में एक टैंकर के पास विस्फोट की खबरों की पुष्टि की है, हालांकि चालक दल और जहाज सुरक्षित रहे।
ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर असर
ये समुद्री घटनाएं ऊर्जा बाजारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य की भेद्यता को उजागर करती हैं। यह संकीर्ण जलमार्ग वैश्विक तेल शिपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस क्षेत्र में टैंकरों पर लगातार हमले या नाकाबंदी से शिपिंग लागत, बीमा प्रीमियम में वृद्धि हो सकती है, और वैश्विक बाजारों में पेट्रोलियम उत्पादों की आवाजाही में देरी हो सकती है।
बाज़ार पर नजर
ये घटनाएं अस्थिर क्षेत्रीय स्थिरता की पृष्ठभूमि में हो रही हैं। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच सीधे टकराव में कुछ कमी आई है, लेकिन तनाव अभी भी वैश्विक व्यापार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। निवेशक आमतौर पर ऐसी घटनाओं पर नजर रखते हैं, क्योंकि वे वैश्विक तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं, खासकर जब यह क्षेत्र दुनिया के कच्चे तेल की आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आगे क्या?
बाजार के लिए आगे की निगरानी में लाल सागर शिपिंग लेन की सुरक्षा स्थिति, संबंधित सरकारों के आधिकारिक बयान और टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समुद्री अधिकारियों द्वारा की जाने वाली कोई भी अतिरिक्त कार्रवाई शामिल होगी। इसके अलावा, इन सुरक्षा जोखिमों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में कोई भी लगातार वृद्धि ऊर्जा-आयात करने वाली अर्थव्यवस्थाओं पर व्यापक प्रभाव डाल सकती है।
