कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने एक बड़े ऑपरेशन 'प्रोजेक्ट E_PURSUANCE' के तहत भारतीय मूल के पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ब्रिटिश कोलंबिया में ऑटो डीलरशिप मालिकों से जबरन वसूली और हिंसा की घटनाओं में शामिल था।
16 महीने का लंबा ऑपरेशन
रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने एक सुनियोजित ऑपरेशन के जरिए उस संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ब्रिटिश कोलंबिया में ऑटो डीलरशिप मालिकों के लिए खौफ का पर्याय बन गया था। जून 2025 में शुरू हुई 16 महीने लंबी जांच 'प्रोजेक्ट E_PURSUANCE' के साथ समाप्त हुई, जिससे स्थानीय कारोबारी समुदाय ने बड़ी राहत की सांस ली है।
आतंक का खौफनाक तरीका
गिरोह का नेटवर्क छोटे और मध्यम स्तर के कारोबारियों को निशाना बनाकर डराता-धमकाता था। जांच में सामने आया है कि ये अपराधी डीलरशिप मालिकों को डराने के लिए आगजनी (arson) और फायरिंग जैसी हिंसक वारदातों को अंजाम देते थे। ये घटनाएं मुख्य रूप से लैंगली और सरे (Surrey) जैसे इलाकों में हुईं, जिससे दक्षिण एशियाई मूल के कारोबारी काफी डरे हुए थे।
गिरफ्तारी और गंभीर आरोप
पुलिस ने सरे से चार संदिग्धों को दबोचा, जबकि पांचवें आरोपी 23 वर्षीय संकेत सिंगला को टोरंटो पीयरसन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। इन लोगों पर न केवल जबरन वसूली और आगजनी के आरोप लगे हैं, बल्कि इन पर अवैध रूप से हथियार और ड्रग्स (कोकीन और फेंटानिल) तस्करी करने के गंभीर मामले भी दर्ज किए गए हैं।
जांच का भविष्य
RCMP का कहना है कि यह केवल स्थानीय स्तर की सेल नहीं थी, बल्कि वे इनके अंतर-राष्ट्रीय (transnational) आपराधिक नेटवर्क से संबंधों की भी जांच कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस के पास मजबूत सबूत मौजूद हैं और अल्बर्टा तथा ब्रिटिश कोलंबिया के अन्य आपराधिक मामलों से इनके संबंधों पर जांच जारी है। अब सबकी निगाहें कोर्ट में होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।
