राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मोल्दोवा की अपनी ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर ली है, जिसका मुख्य उद्देश्य व्यापार और टेक्नोलॉजी के रिश्तों को मजबूत करना रहा। इस दौरे से भारत और पूर्वी यूरोप के बीच डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी और फार्मा सेक्टर में नए निवेश के अवसर खुल सकते हैं।
Detailed Coverage
व्यापारिक मंच और उभरते सेक्टर्स
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को मोल्दोवा की अपनी ऐतिहासिक यात्रा का समापन किया। यह पहली बार था जब कोई भारतीय राष्ट्राध्यक्ष इस पूर्वी यूरोपीय देश की यात्रा पर गए थे। मोल्दोवन राष्ट्रपति माइया सैंडू के साथ हुई हाई-लेवल मीटिंग्स में व्यापार, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म के जरिए आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने पर जोर दिया गया।
यात्रा का एक अहम हिस्सा रहा इंडिया-मोल्दोवा बिजनेस फोरम। यहां राष्ट्रपति मुर्मू के साथ भारतीय व्यापारिक नेताओं का एक डेलिगेशन भी मौजूद था। बातचीत में केवल पारंपरिक व्यापार ही नहीं, बल्कि फिनटेक, साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर्स पर भी खास ध्यान दिया गया। भारतीय निवेशकों के लिए यह एक बड़ा मौका है, क्योंकि यह क्षेत्र तेजी से यूरोपीय बाजारों के साथ अपने स्टैंडर्ड्स को मिला रहा है। इसके अलावा, रिन्यूएबल एनर्जी, फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी और एग्री-फूड प्रोसेसिंग जैसे सेक्टर्स में भी सहयोग की संभावनाएं तलाशी गईं।
आर्थिक और सामरिक महत्व
राष्ट्रपति मुर्मू ने दोनों देशों के बीच पूंजी के सुचारू प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए एक पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल माहौल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मोल्दोवन व्यवसायों को भारतीय बाजार खंगालने और भारतीय कंपनियों को मोल्दोवा में अवसरों की तलाश करने के लिए प्रोत्साहित किया। यह यात्रा भविष्य में होने वाले द्विपक्षीय निवेश समझौतों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। इसके साथ ही, उच्च शिक्षा सहयोग पर एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए, जो दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक टैलेंट एक्सचेंज और रिसर्च पार्टनरशिप को बढ़ावा दे सकता है।
क्षेत्रीय दौरा और भविष्य की संभावनाएं
यह यात्रा राष्ट्रपति के तीन देशों के व्यापक डिप्लोमैटिक टूर का हिस्सा है। मोल्दोवा के बाद, राष्ट्रपति मुर्मू उत्तरी मैसेडोनिया की यात्रा करेंगी, और फिर 23 से 25 जुलाई तक रोमानिया का दौरा करेंगी। बाजार के जानकारों और निवेशकों के लिए, इस दौरे के बाद सबसे महत्वपूर्ण बातें होंगी - व्यापारिक समझौतों को अंतिम रूप देना और फार्मा व डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में प्रोजेक्ट-लेवल पर सहयोग की घोषणाएं। जैसे-जैसे ये देश भारत के साथ अपने संस्थागत संबंध मजबूत कर रहे हैं, निवेशकों को भविष्य में आने वाली सरकारी घोषणाओं या एक्सचेंज फाइलिंग्स पर नजर रखनी चाहिए, जिनसे नए व्यापार नीतियों या निवेश प्रोत्साहन का पता चल सकता है।
